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पैसे के लालच में गया था निरंकारी मिशन के सत्संग, माता सविंदर की हुई ऐसी कृपा बदल गई जिंदगी

Mon, 06 Aug 2018 01:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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mata savinder - फोटो : अमर उजाला
सद्गुरु की कृपा होने पर कैसे एक छोटा शय भी बड़ा काम कर जाता है इसका एक बड़ा उदाहरण एक भिखारी है। उसे निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख माता सविंदर के दर्शन क्या हुए उस नेत्रहीन शख्स के जीवन में उजाला फैल गया।
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mata savinder
बता दें कि माता सविंदर कौर के दर्शनों और स्टेज पर प्रस्तुति देने पहुंचे नेत्रहीन रोशन लाल के जीवन में ज्ञान का ऐसा प्रकाश फैला कि वह भिखारी से म्युजिक डायरेक्टर बन गए।
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mata savinder - फोटो : अमर उजाला
रोशन ने खुद बताया था  कि अगर उसे गुरु का ज्ञान नहीं मिलता तो आज भी वो किसी गली में भीख मांग रहा होता। उसका कहना है कि गुरु के उजाले का ही कमाल है कि अब तक वो दो हजार से अधिक गाने गा चुका है।

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mata savinder - फोटो : अमर उजाला
संत निरंकारी मंडल की ओर से कारगी बाईपास के समीप आयोजित कार्यक्रम में टिहरी से पहुंचे रोशन लाल ने एक बार अपनी टीम के साथ गढ़वाली में गीत गाए थे। इस मौके के लिए उन्होंने विशेष तौर पर जगत कल्याणी माता गीत लिखा था। जो माता सविंदर कौर के उत्तराखंड आगमन पर गाया था।
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mata savinder - फोटो : अमर उजाला
रोशन ने बताया कि जब वह 13 साल के थे तो उनकी माता का देहांत हो गया था। पिता की डांट से परेशान होकर वह ऋषिकेश जाकर भीख मांगने लगे। यहां गाना गाते और पैसे मांगते। भीख मांगते-मांगते वह टिहरी पहुंच गए और वहां भी यही काम करने लगे।
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एक दिन किसी ने उन्हें संत निरंकारी मंडल के सत्संग में जाने को कहा और बोला कि वहां गाओगे तो अच्छा पैसा मिलेगा। इस लालच में वह प्रवचन में चले गए लेकिन उस दिन उनके जीवन में अलग ही उजाला फैल गया। वह गुरु से जुड़ गए और धीरे-धीरे उन्हें यहां मंच पर कार्यक्रम मिलने लगे। लोगों ने प्रेरित किया तो खुद गाने लिखना भी शुरू किया। खुद की गढ़वाली एलबम निकालने लगे। बताया कि लाइफ पूरी तरह से सेटल हो गई। यदि गुरु जीवन में नहीं आते तो आज भी कहीं भीख मांग रहे होते।
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mata savinder - फोटो : अमर उजाला
रोशन ने बताया कि अब वह म्युजिक डाइरेक्टर बन चुके हैं। अब तक दो हजार से अधिक गढ़वाली गीत गा चुके हैं। खुद ही गाने लिखते भी हैं। रोशन एंड ग्रुप के नाम से अपना ग्रुप बना लिया है। जो जगह-जगह प्रस्तुति देता है। 
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