mata savinder
एक दिन किसी ने उन्हें संत निरंकारी मंडल के सत्संग में जाने को कहा और बोला कि वहां गाओगे तो अच्छा पैसा मिलेगा। इस लालच में वह प्रवचन में चले गए लेकिन उस दिन उनके जीवन में अलग ही उजाला फैल गया। वह गुरु से जुड़ गए और धीरे-धीरे उन्हें यहां मंच पर कार्यक्रम मिलने लगे। लोगों ने प्रेरित किया तो खुद गाने लिखना भी शुरू किया। खुद की गढ़वाली एलबम निकालने लगे। बताया कि लाइफ पूरी तरह से सेटल हो गई। यदि गुरु जीवन में नहीं आते तो आज भी कहीं भीख मांग रहे होते।