बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को श्रद्धा के शव के टुकड़े करने पर कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना है कि उसने अपने बचाव में यानि खुद को बचाने के लिए शव के टुकड़े किए थे। उसके पास शव को ठिकाने लगाने का कोई और चारा नहीं था। हालांकि उसे श्रद्धा की मौत पर पछतावा जरूर है। उसका कहना है कि उसे उसकी मौत पर पछतावा है। उसकी किस्मत खराब है, ऐसा नहीं होना चाहिए था।