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नींद व तेज रफ्तार बन रही हादसों की वजह, ट्रॉले से दोगुनी थी डबल डेकर बस की गति

Sat, 30 Mar 2019 02:26 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत - फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर नींद व तेज रफ्तार ने आठ लोगों की जान ले ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि डबल डेकर बस की गति ट्रॉले की गति से दोगुनी थी। एक्सप्रेसवे पर बीते तीन माह में 1.39 लाख वाहन गति सीमा का उल्लंघन कर चुके हैं। टोल प्रबंधन कंपनी के हवाले से यीडा के अधिकारियों ने बताया कि ट्रॉला मथुरा टोल प्लाजा से रात 1:44 बजे चला था और जेवर टोल प्लाजा पर तड़के 4:13 बजे पहुंचा यानी करीब 2 घंटे 29 मिनट में उसने मथुरा से जेवर टोल प्लाजा तक का सफर तय किया। 
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत - फोटो : अमर उजाला
वहीं, डबल डेकर बस सुबह 3:50 बजे मथुरा टोल प्लाजा से चली और जेवर टोल प्लाजा पर 4:49 बजे पहुंच गई यानी एक घंटे का समय भी नहीं लगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि डबल डेकर बस की गति सीमा अधिक थी। हादसा सुबह करीब पांच बजे हुआ। बस ने ट्रॉले को पीछे से टक्कर मार दी। 
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फाइल फोटो
यीडा के अधिकारी बता रहे हैं कि यमुना एक्सप्रेसवे पर अधिकतर हादसे के पीछे सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार व नींद ही सामने आ रही है। तड़के होने वाले हादसे सबसे भयावह होते हैं। रात भर सफर करने के बाद वाहन चालकों को नींद आ जाती है। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जनवरी से मार्च तक कुल 1,39,303 वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया यानी 46,434 वाहन हर माह गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। 
 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत - फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
इन तीन माह में चालान सिर्फ 5746 वाहनों का कटा है। बहुत से वाहन चालकों ने चालान जमा भी नहीं किए हैं। उनको ट्रैस करना परिवहन विभाग के लिए भी मुश्किल हो रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों के लिए 60 व हल्के वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सीमा तय है। 
 
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत - फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
यीडा ने जांच के लिए बनाई समिति 
यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को निजी डबल डेकर बस व ट्रॉले के बीच हुए हादसे की जांच के लिए यीडा ने दो सदस्यीय कमेटी बना दी है। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और महाप्रबंधक केके सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति से सोमवार को रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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yamuna expressway accident - फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे
वर्ष            हादसे        मौतें
2012            275        33
2013            896        148
2014            771        98
2015            919        99
2016            1219        105
2017            763        110
2018            659        111
मार्च 2019 तक     132        53
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