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सात लाख लोगों को ठगने वाली कंपनी एबलेज का पुराना स्टिंग आया सामने, खुलेंगे कई राज

Wed, 08 Feb 2017 09:49 AM IST
अमित सिंह/अमर उजाला, नोएडा
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anubhav mittal - फोटो : अमर उजाला
सात लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली एबलेज इंफो कंपनी का पुराना स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इसकी जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ स्टिंग करने वाले से भी संपर्क करने का प्रयास कर रही है। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। स्टिंग एक निजी वेब न्यूज पोर्टल ने 14 सितंबर 2016 को किया था। इसमें कंपनी के अंदर जाकर एक व्यक्ति ने वहां के दो कर्मचारियों से सदस्य बनने के लिए प्लान की जानकारी मांगी।
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anubhav mittal - फोटो : अमर उजाला
स्टिंग में दिख रहे कर्मचारियों ने उससे कहा कि कंपनी के अंदर प्लान बताना मना है। अगर उन्होंने प्लान बताया तो दोनों कर्मचारियों की आईडी ब्लॉक कर दी जाएगी। कंपनी के अंदर चारों तरफ कैमरे लगे हैं जिससे कर्मचारियों पर नजर रखी जाती है। स्टिंग में दोनों कर्मचारी कहते हैं कि पास में बीकानेर है, वहां चलकर 10 मिनट बैठते हैं और वहीं आपको प्लान समझा दिया जाएगा। एसटीएफ के अनुसार, अगर ये स्टिंग सही है तो एबलेज कंपनी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सबूत बन सकता है। स्टिंग करने वाले से इसकी वास्तविक क्लिप प्राप्त करने के लिए संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। हो सकता है स्टिंग करने वाले के पास कंपनी के खिलाफ कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी हो, जो जांच में काफी मददगार साबित हो सकता है।
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anubhav mittal - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ को ऐसी भी जानकारी मिली है कि एबलेज में काम करने वाले कुछ अधिकारी पूर्व में इस तरह की धोखाधड़ी कर भाग चुकी कंपनियों में भी काम कर चुके हैं। इसमें विशेष रूप से तकनीकी विशेषज्ञ और सीए शामिल हैं। एसटीएफ इस एंगल पर भी जांच कर रही है। कंपनी के वित्तीय लेनदेन और बैलेंस शीट की जानकारी के लिए भी एसटीएफ जल्द एबलेज के कुछ सीए व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। 
   

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anubhav mittal - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में कंपनी के पते पर चल रही टायर दुकान अनुभव मित्तल ने 7 सितंबर 2010 को दिल्ली में उप कंपनी रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एवं हरियाणा विभाग में एबलेज कंपनी का पंजीकरण कराया था। इसमें कंपनी का पता 878/3, द्वितीय तल, नई बिल्डिंग, एसपी मुखर्जी मार्ग, नोवल्टी सिनेमा के पीछे, चांदनी चौक, नई दिल्ली पिन नंबर 110006 दर्शाया गया है। ये पता चांदनी चौक की टायर मार्केट का है। जहां वर्षों से नए व पुराने टायर का कारोबार होता है। इस मार्केट में पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज 878/3 जैसा फिलहाल कोई पता नहीं मिला है। मार्केट में पूछने पर लोगों ने जहां का ये पता बताया वो 877/878 है। इस पते पर काफी समय से टायर की दुकान चल रही है। इसके ऊपर के के तल पर मौजूद कुछ ऑफिस में भी एबलेज इंफो का कोई ऑफिस मौजूद नहीं है। लोगों ने बताया कि पहले भी इन्होंने ऐसी किसी कंपनी का नाम उस मार्केट में नहीं सुना है।
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anubhav mittal - फोटो : अमर उजाला
प्रतिदिन जुड़ रहे थे 10-15 हजार नए सदस्य
अनुभव मित्तल की सोशल ट्रेड डॉट बिज ने धीरे-धीरे अपना दायरा इतना बढ़ा लिया था कि बूस्टर पाकर ज्यादा कमाई के चक्कर में लोग अंधाधुंध तरीके से इससे जुड़ रहे थे। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि सोशल ट्रेड से प्रतिदिन 10-15 हजार लोग जुड़ रहे थे। आयकर विभाग को एक दिन में इसके खातों से औसतन दो लाख रुपये के ट्रांजक्शन की जानकारी मिली है। सोशल ट्रेड डॉट बिज अगस्त 2015 में शुरू हुई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआत में इससे केवल 600 सदस्य जुड़े थे। इसके बाद माह में सदस्यों की संख्या 11,25,000 पहुंच गई। सितंबर 2016 तक इसके 4,50,000 सदस्य बन चुके थे। अब इसके सात लाख सदस्य हैं, जिन्होंने नौ लाख आईडी ले रखी है।  
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file photo - फोटो : अमर उजाला
मार्च 2017 में भाग सकता था
सोशल ट्रेड की जांच में ये भी बात सामने आ रही है कि कंपनी मार्च 2017 तक भाग सकती थी। तब तक कंपनी ने 15 लाख सदस्य बनाकर करीब 5500 करोड़ रुपये जमा करने का लक्ष्य बनाया था। यही वजह है कि कंपनी ने नवंबर-16 से जनवरी-2017 के बीच तेजी से नाम बदले और एक साथ कई व्यवसाय में उतरने की घोषणा निवेशकों के बीच कर दी थी।
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file photo - फोटो : अमर उजाला
जूस वाले और लोगों के नाम करा रहा था लाइक
सोशल ट्रेड डॉट बिज की वेबसाइट पर किसी जूस वाले तो किसी टेलर के लिंक को लाइक कराया जा रहा था। कई लिंक ऐसे भी थे जो केवल अरविंद, विकास या अन्य किसी नाम के थे। एसटीएफ, आयकर व ईडी ये जांच कर रही हैं कि ये कौन लोग हैं जिनसे एबलेज कंपनी ने महज महज डेढ़ वर्ष में 3726 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया। लाइक के लिए लिंक देने वाले ऐसा क्या व्यवसाय करते हैं कि सोशल ट्रेड पर विज्ञापन देकर उन्हें फायदा हो रहा था।
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