फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरुषि हत्याकांडः हाईकोर्ट में यूं एक-एक कर ध्वस्त होती चली गई CBI की सेक्स थ्योरी

Sat, 14 Oct 2017 03:49 PM IST
अमित सिंह/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
1 of 5
arushi talwar
सीबीआई ने तलवार दंपत‌ि को आरोपी बनाते हुए एक बड़ी दलील थी क‌ि हेमराज को आरुषि के साथ कमरे में आपत्तिजनक हालत में देखकर डॉ. राजेश तलवार ने गुस्से में आकर गोल्फ स्टिक से दोनों का मर्डर कर दिया था। लेक‌िन इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी ये थ्योरी पूरी तरह ध्वस्त हो गई पढ़ें कैसे हुआ ये...
विज्ञापन

2 of 5
arushi talwar - फोटो : अमर उजाला
बचाव पक्ष की दलील
जांच में  ऐसे कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिले हैं जिससे साबित होता हो कि 15 मई की रात हेमराज की हत्या आरुषि के कमरे में की गई थी।
विज्ञापन

3 of 5
arushi talwar - फोटो : लाल‌ सिंह
महत्वपूर्ण साक्ष्य
सीएफएसएल दिल्ली की 19 जून 2008 की रिपोर्ट जिससे यह पता चला था कि आरुषि के तकिये, बेडशीट और गद्दे की जांच में हेमराज का कोई डीएनए या खून नहीं पाया गया था।सीडीएफडी हैदराबाद के डीएनए विशेषज्ञ एसपीआर प्रसाद ने 6 नवंबर 2008 की रिपोर्ट में कहा था कि आरुषि के कमरे से सिर्फ उसी का डीएनए मिला था। सीएफएसएल दिल्ली के सुरेश कुमार सिंगला ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हेमराज के कपड़ों पर आरुषि का ब्लड नहीं मिला था।

4 of 5
arushi talwar - फोटो : लाल‌ सिंह
इस तरह बचाव पक्ष ने सीबीआई की उस थ्योरी को ही गलत साबित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर गुस्से में राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने दोनों  की हत्या की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
arushi talwar
इस थ्योरी के मुताबिक हेमराज 15 मई की रात आरुषि के कमरे में था। बचाव पक्ष ने  वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर साबित किया कि हेमराज के आरुषि के कमरे में मौजूद होने के कोई साक्ष्य नहीं हैं। तलवार दंपति के बरी होने में ये तथ्य काफी अहम साबित हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें