डा. राजेश तलवार के फ्लैट में कत्ल की रात क्या पांचवा शख्स भी मौजूद था और क्या उसकी उपस्थिति को सीबीआई ने किसी खास वजह से नजरअंदाज किया।
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आरुषि-हेमराज
- फोटो : फाइल फोटो
डा. राजेश तलवार के फ्लैट में कत्ल की रात क्या कृष्णा भी मौजूद था और क्या उसकी उपस्थिति को सीबीआई ने किसी खास वजह से नजरअंदाज किया। हाईकोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान ऐसे कई सबूत मिले जो बार-बार कृष्णा की संभावित उपस्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं।
सीबीआई के पास इन सवालों का इतना पुख्ता जवाब नहीं था जिससे कि उस रात किसी तीसरे की मौजूदगी की संभावना से इंकार किया जाए। इन संदेहों ने ही सीबीआई की थ्योरी पर पानी फेर दिया कि घटना की रात फ्लैट में राजेश, नुपुर, आरुषि तलवार और हेमराज के अलावा कोई नहीं था।
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डासना जेल से निकलते आरुषि के पिता राजेश तलवार।
- फोटो : अमर उजाला
सीडीएफडी प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कृष्णा के कमरे में उसके ताकिए पर मिले हेमराज के डीएनए नमूने की पुष्टि की गई। सीबीआई ने बाद में यह कहते हुए इसे गलत बताया कि सीडीएफडी प्रयोगशाला ने बाद में पत्र लिखकर बताया कि कृष्णा के ताकिए के नमूने वाले प्रदर्श (साक्ष्य संख्या) पर गलत नंबर पड़ गया है।
जिसकी वजह से कृष्णा के तकिए पर हेमराज का डीएनए पाए जाने की पुष्टि हुई जबकि हेमराज का डीएनए दूसरे प्रदर्श पर पाया गया है। मगर सीबीआई यह साबित करने में नाकाम रही कि ऐसी गलती होने की वजह क्या है। गवाह के तौर पर बुलाए गए सीडीएफडी के वैज्ञानिकों और रजिस्ट्री के सदस्यों के बयान से भी गलत प्रदर्श पड़ने की बात साबित नहीं हुई।
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file photo
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि बहुत संभव है कि हेमराज के कत्ल के वक्त कृष्णा वहां मौजूद था और हेमराज का खून से सना शव उठाते समय कुछ खून उसके सिर के बालों में लग गया हो। जो बाद में कृष्णा के ताकिए पर आ गया। टेरेस की दीवार पर खून से सने हाथ के पंजे के निशान का डीएनए भी किसी भी संभावित कातिल डा. राजेश तलवार, कृष्णा, राजकुमार या विजय मंडल से मेल नहीं खाया।
सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य से हुई छेड़छाड़
पूरे केस की सबसे अहम कड़ी यह रहा कि कृष्णा के ताकिए पर मिले हेमराज के खून के निशान से संबंधित साक्ष्य से जानबूझकर छेड़छाड़ की गई। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई यह साबित करने में असफल रही है कि सबसे महत्पूर्ण साक्ष्य से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।
सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के सामने उन प्रदर्शों के फोटोग्राफ नहीं पेश किए जो हेमराज के तकिए और कृष्णा के तकिए के थे। जबकि सुप्रीमकोर्ट कोर्ट में पुनरीक्षण अर्जी की सुनवाई के दौरान यह फोटो पेश किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारियों ने जानबूझकर सबसे विवादित प्रदर्शों के फोटोग्राफ नहीं पेश किए। क्योंकि फोटोग्राफ से साबित है दोनों प्रदर्शों पर अलग-अलग नंबर हैं, जिससे रिपोर्ट बदलने की गुंजाइश नहीं है।