आम आदमी पार्टी ने वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के दलित समाज के आरक्षण के मसले पर दिए गए बयान से किनारा कर लिया है। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को गरीब पिछड़े समाज का हक दिलाने वाली सख्शियत करार दिया।
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kumar vishwas
दरअसल, रविवार को कुमार विश्वास ने कहा था कि 1990 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने समाज को जातीय आधार पर बांट दिया था। एक राष्ट्र के तौर पर इसका असर देश के लिए बुरा रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर दलित आरक्षण के मसले पर आप की तीखी आलोचना हुई। पार्टी को दलित विरोधी तक करार देने की मुहिम चल पड़ी।
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आप
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इस पर सोमवार को मीडिया से बात करते हुए आशुतोष ने कहा कि सोशल मीडिया पर पार्टी की गलत छवि बनाने की कोशिश निंदनीय है। पार्टी आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था, बाबा भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों व विचारधारा के पक्ष में खड़ी है।
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केजरीवाल
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संजय सिंह ने कहा कि 89 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू किया था। वह जातीय आधार पर देश को बांटने का काम नहीं कर रहे थे। बल्कि, अपने चुनावी वादे को उन्होंने पूरा किया, जिसके सहारे गरीब पिछड़े समाज को हक दिलाने की दिशा में ठोस प्रयास हुआ।
कुमार विश्वास के बयान पर संजय सिंह का कहना था कि यह उनकी निजी राय थी। उस पर उन्होंने सफाई भी दी है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि देश बिना समानता के आगे नही बढ़ सकता। संविधान ने मौका दिया कि सभी बराबरी के साथ आगे बढ़ सकें और समाज में अपनी एक अलग पहचान हासिल कर सकें।