राष्ट्रीय राजधानी में सम-विषम योजना बिना छूट के लागू होगी इसे लेकर फिर से दिल्ली सरकार ने अपना बयान बदल लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें सम-विषम योजना में महिलाओं और दोपहिया वाहनों के लिए छूट चाहिए।
विज्ञापन
2 of 6
दिल्ली ऑड ईवन
- फोटो : SELF
इस पर उन्होंने समीक्षा याचिका भी दाखिल की है। पीठ ने इसके बाद कहा कि आखिर आप आज बयान से क्यों पलट रहे हैं। पीठ ने समीक्षा याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए कहा है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पर्यावरण सचिव को बैठक के लिए भी बुलाया है।
विज्ञापन
3 of 6
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने पंजाब, हरियाणा व यूपी को सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के आधार पर सामान्य कार्ययोजना तैयार करने पर फटकार भी लगाई।
4 of 6
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
पीठ ने राज्यों से कहा कि आपके पास अपनी कार्ययोजना क्यों नहीं है। सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा ने कहा कि 48 घंटे लगातार वायु प्रदूषण की आपात स्थिति पर ईपीसीए के तहत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पालन किया जाता है।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
वहीं इस दौरान निर्माण कार्य, उद्योगों पर प्रतिबंध आदि उपाय किए जाते हैं। इसके बाद पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि 48 घंटे लगातार हवा खराब रहने के बाद उपाय किए जाने के पीछे क्या तर्क है। आप लोग अपना दिमाग क्यों नहीं लगाते हैं।
वायु गुणवत्ता ठीक रखना आपका बुनियादी काम है आखिर आप खुद क्यों नहीं कदम उठाते हैं। पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि इस देश में वायु गुणवत्ता तय सीमा के भीतर रहे यह एक ख्वाब बन गया है।