क्या आपको पता है कि 5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में एक गुप्त सुरंग खोजी गई है जो 7 किलोमीटर लंबी है। यह सुरंग अंग्रेजों के जमाने की है। जब यह सुरंग अंग्रेजों के जमाने की है तो इसका इतिहास भी काफी रोचक ही होगा। जी हां, जब दिल्ली में देशभक्तों के रक्त से धरती लाल हो रही थी तब यही सुरंग थी जिससे देश के वीरों को फांसी देने के लिए लाया जाता था।
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दिल्ली विधानसभा पहले थी ब्रिटिश अदालत
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secret tunnel in delhi vidhansabha
बता दें कि लगभग 7 किलोमीटर लंबी ये सुरंग लाल किले तक जाती है। इतिहास में इस बात के सबूत हैं कि दिल्ली विधानसभा का इस्तेमाल ब्रिटिश अदालत के रूप किया जाता था। ये 1926-27 से 1947 तक का दौर था।
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मालूम हो कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों को लाल किले में बंदी बनाकर रखा जाता था उन्हें इसी गोपनीय सुरंग से दिल्ली विधानसभा (उस समय के ब्रिटिश अदालत) लाया जाता था। विधानसभा के मुख्य इमारत के पीछे एक फांसी लगाने वाला कमरा हुआ करता था जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाता था।
जब विधायक बने तो पता चला था सुरंग के बारे में
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दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बताया कि जब वो 1993 में विधायक बने थे तब उन्होंने विधानसभा स्टाफ से सुना था कि यहां ब्रिटिश कोर्ट हुआ करता था जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर लटकाया जाता था। रामनिवास गोयल ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही वो हरियाणा किसी कार्यक्रम में गए थे जहां पूर्व दिल्ली विधायक किरन चौधरी ने उन्हें इस सुरंग के बारे में बताया था। इसके बाद वापस आने पर उन्होंने इस की खोज के लिए जांच बिठाई जिसने इस सुरंग की खोज की।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बताया कि इस सुरंग को संरक्षित किया जाएगा। सरकार इसे 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन जनता के लिए खोलने की योजना बना रही है। इसके साथ ही 23 मार्च बलिदान दिवस के दिन इसे कुछ खास लोगों और मीडिया के लिए खोला जाएगा। उसी दिन दिल्ली विधानसभा में भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की मूर्तियां भी लगाई जाएंगी।