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कॉलेज में CM योगी आदित्यनाथ के साथ हुआ था कुछ ऐसा, जिसके बाद वे हो गए थे बेहद दुखी

Wed, 06 Jun 2018 07:04 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज बुलंदियों पर हैं। लेकिन अगर कॉलेज के दिनों में उनके साथ ऐसा न हुआ होता तो आज वे शायद योगी न बने होते। आगे जानिए दिलचस्प बातें...
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yogi father
ऐसा हम नहीं उनके दोस्त ही कहते हैं। योगी आदित्यनाथ के आज 46 वें जन्मदिन पर हम आपको बता रहे हैं उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना के बारे में। उत्तराखंड में पौड़ी जिले के छोटे से गांव पंचूर में जन्मे थे। उनका जन्म पांच जून 1972 को आनंद सिंह बिष्ट के घर में हुआ था। उनका वास्तविक नाम अजय मोहन सिंह है। 22 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना परिवार त्याग दिया और गोरखपुर चले गए।
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गढ़वाल विश्वविद्यालय - फोटो : file photo
योगी आदित्यनाथ ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की थी। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रखर कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे। उनके कॉलेज के दोस्तों के अनुसार, छात्र जीवन में लगनशील और जुझारू प्रवृत्ति के रहे हैं। 1992 में वह बीएससी करने के बाद वह कोटद्वार से गोरखपुर जरूर चले गए, लेकिन कोटद्वार और अपनी मातृभूमि के प्रति उनके मन में लगाव कम नहीं हुआ।

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college of yogi aditynath
योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड से खासा लगाव रखते हैं। यही कारण है कि उन्होंने सन्यासी बनने के बाद भी यहां पर महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय की स्थापना की। हालांकि यह कॉलेज वे खुद नहीं बल्कि उनके पिता चला रहे हैं, लेकिन योगी जब भी यहां आते हैं तो वहां के बारे में जरूर जानकारी लेते हैं।
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yogi adityanath
योगी आदित्यनाथ ने साल 1991 में छात्र संघ चुनाव लड़ा था। एबीवीपी से वे जुडे़ हुए थे, मगर टिकट उन्हें नहीं मिल पाया। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में अरुण तिवारी को जीत हासिल हुई थी। इस दौरान वे जहां रहते थे वहां चोरी भी हो गई थी। इस हार ने जिंदगी में बड़ी जीत के उनके रास्ते खोल दिए।
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cm yogi birthday - फोटो : amar ujala
इस दौरान इस हार से वे इतने दुखी हो गए कि उन्होंने गोरखपुर जाने का निर्णय लिया। तभी उन्होंने अपने मामा महंत अवैद्यनाथ को पत्र लिखकर गोरखपुर बुलाने का अनुरोध किया। गोरखपुर पहुंचने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद बाद में गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ के समाधिस्थ होने पर वह गोरक्षपीठाधीश्वर बने।
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cm yogi birthday - फोटो : amar ujala
बारहवीं लोक सभा (1998-99) में मात्र 26 वर्ष की आयु में वह सबसे कम उम्र के सांसद बने थे। शुरू में अंतर्मुखी स्वभाव के योगी इस कस्बे में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। यही कारण है कि उन्होंने महंत अवैद्यनाथ के पास पहुंचने के बाद आदित्यनाथ ने बाकायदा दीक्षा ली और योगी बन गए।
 
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