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Year Ender 2020:...जब प्रॉपर्टी के लिए हैवान बन गया था दामाद, हत्या कर घर में ही दफना दिए थे सास-ससुर और सालियों के शव 

Tue, 22 Dec 2020 06:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
साल 2020 में उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड को शायद ही कोई भुला पाए। दामाद ने प्रॉपर्टी के लिए अपने सास-ससुर और दो सालियों को मौत के घाट उतार दिया था और उनके शव घर में ही दफना दिए थे। करीब 16 महीने बाद मामले का खुलासा 28 अगस्त को हुआ था। घर के अंदर का नजारा देख पुलिस ही नहीं हर कोई हैरान था। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
घटना रुद्रपुर में ट्रांजिट कैंप में राजा कॉलोनी की थी। मूल रूप से पैगानगरी तहसील मीरगंज थाना (बरेली) निवासी 65 वर्षीय हीरालाल वर्ष 2006 में परिवार के साथ राजा कॉलोनी ट्रांजिट कैंप में बस गए थे। उनके साथ पत्नी हेमवती, बेटी लीलावती, दुर्गा और पार्वती रहते थे।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
तेरह बीघा जमीन और मकान हड़पने की नीयत से दामाद ने किराएदार साथी की मदद से 20 अप्रैल 2019 को सास-ससुर और दो सालियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद 16 महीने तक आरोपी कॉलोनी में बेखौफ होकर ऐसे रह रहा था कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं है। हत्याएं करने और उनको घर में ही ठिकाने लगाने के लिए नरेंद्र ने अपने किराएदार विजय गंगवार को संपत्ति में आधा हिस्सा देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया था।

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वहीं, पत्नी को इस बात का पता न लगे इसके लिए उसने हत्या से पहले पत्नी लीलावती को 18 अप्रैल 2019 को बरेली में फूफा डोरीलाल के घर लेजाकर छोड़ दिया था। फिर 20 अप्रैल को हत्याएं करने और शवों को ठिकाने लगाने के 10 दिन बाद वह पत्नी को लेने फिर बरेली रवाना हुआ। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूछताछ में आरोपी नरेंद्र ने बताया था कि रोजाना सुबह उसकी सास और साली दूध लेने जाते थे। इसके चलते उसने सुबह के समय ही हत्या करने की योजना बनाई थी। 20 अप्रैल 2019 की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी सास हेमवती और साली पार्वती दूध लेने गए थे। मकान का दरवाजा खुला होने पर वह अपने साथी विजय के साथ घर में घुसा। इसके बाद उसने पहले दुर्गा और फिर हीरालाल पर डंडे से वार कर हत्या कर दी थी। थोड़ी देर में हेमवती और पार्वती घर पर आए तो उसी डंडे से उनकी भी हत्या कर दी। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इसके बाद शवों को कमरे में छोड़कर बाहर से ताला लगा दिया था। 21 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों को ससुरालियों की ओर से मकान बेचे जाने और मरम्मत करने की बात कहकर आंगन में खुदाई की थी। इसके बाद शवों को खोदे गए गड्ढे में डालकर ऊपर से सीमेंटेड फर्श डलवा दिया था। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मामले का खुलासा करीब 16 महीने बाद तब हुआ जब  दामाद ने संपत्ति अपने नाम करने की मंशा से मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की कोशिश की। उस वक्त एक रिश्तेदार के शक करने पर पूरा मामला खुल गया। इसके बाद जब पुलिस ने दामाद को गिरफ्तार किया तो उसने सारे राज उगल दिए। 

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
आरोपी ने बताया था कि उसने लीलावती से वर्ष 2008 में लव मैरिज की थी। इसके बाद वह ससुर हीरालाल के घर पर ही वर्ष 2015 तक किराए पर रहा था। ससुर अकसर उससे अलग रहने को कहते थे। अन्य ससुराली भी उसे ताना दिया करते थे। इसके बाद वह अलग भी रहने लगा। हीरालाल ग्राम पैगानगरी (बरेली) में अपनी 13 बीघा जमीन और मकान को तीनों बेटियों को बराबर का बांटना चाहते थे। इसके लिए वह तैयारी भी कर रहे थे लेकिन इससे पहले ही दामाद ने उनकी और उनके परिवार की हत्या कर दी। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
परिवार वालों की हत्या के मामले को बेटी लीलावती ने भी करीब एक महीने तक छिपाए रखा। बेटी लीलावती का कहना था कि पति ने मामला खुलने के एक माह पहले ही उसे माता-पिता और उसकी दो बहनों की हत्याएं कर शवों को घर में ही दफनाने की बात बताई थी, लेकिन यह नहीं बताया कि शवों को किस जगह पर दफनाया गया है।  पति नरेंद्र ने यह बात किसी को नहीं बताने की हिदायत भी दी थी। 
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