इसके बाद तीनों भाई वापस चले गए और भाई दूज के दिन वापस अपनी बहन से मिलने आए। तब उन्होंने यमुना को भेंट स्वरूप कुछ मांगने पर तीनों भाईयों ने कहा कि आज से अक्षय तृतीय के दिन से भाई दूज तक जो भी यमुनोत्री धाम से इलाहबाद तक किसी भी तट पर यमुना में स्नान करेगा यम उसकी मृत्यु को टाल देगा। वहीं शनि भी उस व्यक्ति को साढ़े सती के प्रकोप से दूर रखेगा । हनुमान जी ने कहा कि यमुना के धाम आने पर उस व्यक्ति के मैं सारे कष्ट हर लूंगा।
(अमर उजाला इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है। यह मान्यताओं और पुरोहितों के आधार पर पेश किए गए हैं।)