इस्लामिक इस्टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) समेत दुनिया के अन्य आतंकी संगठनों ने विश्व सांस्कृतिक धरोहरों को अपनी कमाई का जरिया बनाया है।
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सीरिया
आतंकी धरोहरों में रखे पुरातात्विक महत्व के सामानों की तस्करी से कमाई कर रहे हैं। चीन इन धरोहर तस्करों का गढ़ बन गया है।
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unesco
यूनेस्को डिवीजन फॉर हेरिटेज ने पूरी दुनिया में अलर्ट जारी किया है। एशियाई देशों की सरकारों से सरहद पर चौकन्ना रहने की अपील की गई है।
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सीरिया
आईएसआईएस बड़े पैमाने पर इराक, सीरिया और खाड़ी देशों के विश्व धरोहरों को नष्ट करके पुरातात्विक महत्व के सामानों की दुनिया के देशों में तस्करी कर रहा है।
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Terrorist
- फोटो : File Photo
धरोहर तस्करों की गिरफ्त में साउथ अफ्रीका समेत आसपास के देश आ गए हैं। इसके साथ ही एशियाई देशों में इन तस्करों की गिरफ्त मजबूत हो रही है। माना जा रहा है कि सालाना 50 मिलियन डॉलर की धरोहर तस्करी हो रही है। यूनेस्को इसके आंकड़े जुटाने में लगा है।
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लोटस टेंपल
- फोटो : indianexpress.com
यूनेस्को डिवीजन फॉर हेरिटेज और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर की निदेशक मेक्टर रोसलो ने बताया कि विश्व भर की धरोहरें इस वक्त खतरे में हैं।
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- फोटो : BBC
देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही विश्व में पुरातात्विक महत्व के सामानों की नीलामी पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। म्यूजियम के सामानों की तस्करी की जा रही है। बड़े नीलामी हाउसों को इससे अवगत करा दिया गया है।
सीमा पर चौकसी बरतने के साथ देश के अंदर जब्त किए जाने वाले सामानों की जांच के लिए कहा गया है। रोसलो का कहना है कि विश्व धरोहरें, म्यूजियम में रखे सामान आने वाली पीढ़ियों की विरासत है। इनकी सुरक्षा की जानी है।