इस आरती का आयोजन तीर्थ पुरोहितों की ओर से प्रतिदिन किया जाता है। 103 वर्ष पूर्व महामना मदन मोहन मालवीय के संयोजन में जब हरकी पैड़ी के प्रबंधन के लिए गंगा सभा का गठन किया गया, तब से यह आरती गंगा सभा ने शुरू की थी। यह आरती पहले सवेरे के समय भी होती है। इसके बाद दिन के मध्यकाल में गंगा मैया को भव्य भोग लगाने के बाद गंगा सभा प्रसाद वितरित करती है।