जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग के साथ-साथ अब एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल) ने भी मोर्चा संभाल लिया है। एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन भटिंडा की एक टीम टिहरी वन प्रभाग के अंतर्गत तैनात की गई है।
शनिवार को एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन भटिंडा के कमांडेंट राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में 28 सदस्यीय टीम का डीएफओ डा. कोको रोसे और एसडीओ रमेश खंडूड़ी ने वन चेतना केंद्र में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग वनाग्नि की घटनाएं रोकने को युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है।
अब केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की एक टुकड़ी को यहां तैनात किया है, जिससे आग पर और जल्द काबू पाया जा सकता है। डीएफओ ने बताया कि टीम को वन विभाग ही उपकरण उपलब्ध कराएगा। एनडीआरएफ की टीम फायर सीजन तक यहां तैनात रहेगी।
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वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए तैनात किया गया
- फोटो : ANI
पहले दिन कमांडेंट राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने जिला मुख्यालय के निकटवर्ती भोनाबागी के जंगलों में जाकर स्थलीय निरीक्षण किया।
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वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए तैनात किया गया
- फोटो : ANI
डीएफओ डा. रोसे ने बताया कि जिले में शनिवार को फायर को कोई भी एक्टिव केस नहीं दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक वनाग्नि से 345 हेक्टेयर वन भूमि को नुकसान हुआ है।
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वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए तैनात किया गया
- फोटो : ANI
जिले में 247 स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हो चुकी है। 650 वन कर्मी और फायर वाचरों को वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है।
घनसाली (टिहरी) में बालगंगा तहसील के आर्स गांव में आग लगने से तीन गोशालाएं जलकर राख हो गई। गोशाला के अंदर रखी खाद्य सामग्री और कपड़े भी जल गए। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया।