टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के अंतर्गत गोरसाली गांव शुक्रवार रात को तीन ओर आग से घिर गया। आग के कारण खेतों में इकट्ठा की गई घास और लकड़ियां जल गईं। आग बढ़ती देख ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई तो कुछ हद तक आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से रात लगभग दो बजे आग बुझा ली। वहीं श्रीनगर क्षेत्र में शनिवार को भी जंगलों में आग लगी रही। श्रीनगर व कीर्तिनगर क्षेत्र में 29 मार्च से विभिन्न जगहों पर जंगलों में आग लगी है।
जंगल की आग से जला तुणख्या विद्यालय का भवन
पौड़ी में जंगल में लगी आग से शनिवार को एक प्राथमिक विद्यालय भवन जल गया। गनीमत रही कि कोरोना संक्रमण काल के कारण विद्यालय बंद था, जिससे बड़ा हादसा होने से जल गया लेकिन स्कूल का फर्नीचर और दस्तावेज जलकर रखा हो गए।
पौड़ी जिले के जंगल इन दिनों भीषण आग से धधक रहे हैं। जंगलों की आग में वन संपदा के साथ ही जंगली जानवर भी संकट में हैं। शुक्रवार रात को जंगल की आग कोट ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तुणख्या तक पहुंच गई जिससे विद्यालय का भवन जल गया।
बताया जा रहा है कि विद्यालय भवन पुराना था। वहीं विद्यालय के समीप एक गोशाला भी जलकर नष्ट हो गई। गोशाला में तीन मवेशी थे, जिन्हें ग्रामीणों ने समय रहते बाहर निकाल दिया था।
स्यूंड गांव के ग्रामीणों ने बुझाई जंगल की आग
रुद्रप्रयाग में तल्लानागपुर के ग्राम पंचायत स्यूंड के ग्रामीणों ने गांव के समीप जंगल में लगी आग बुझाई। प्रधान ने वन विभाग से आग बुझाने के लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराने की मांग की है।
शुक्रवार रात को स्यूंड गांव से लगे चीड़ के जंगल में आग लग गई थी। आग की लपटें तेजी से गोशालओं की तरफ बढ़ने लगी।
इस दौरान प्रधान अरविंद डिमरी के नेतृत्व में युवाओं की टीम जंगल में पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। प्रधान ने बताया कि संसाधनों के अभाव के बाद भी युवाओं ने आग पर काबू पाया, जो सराहनीय कार्य है। आग बुझाने वालों में सुशील सेमवाल, अनूप डिमरी, हिमांशु सेमवाल आदि शामिल थे।
उत्तरकाशी जिले के विभिन्न हिस्सों में जंगल धधक रहे हैं। जिले के पांच वन प्रभागों में अभी तक चार दर्जन आग की घटनाओं में करीब 45 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। अपर यमुना वन प्रभाग में पौंटी, मोल्डा, उपराड़ी, गंगनानी क्षेत्र के जंगल जल रहे हैं। डीएफओ केपी वर्मा ने बताया कि इस सीजन में प्रभाग में अभी तक आग लगने की सात घटनाओं में करीब सात हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है।
इधर, शुक्रवार रात को गंगोरी के पास नाल्ड में जंगल की आग भयावह होने से क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई थी। हालांकि मौके पर पहुंचे अग्निशमन व वन कर्मियों ने आग पर समय रहते आग पर काबू पा लिया था। उत्तरकाशी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र पुंडीर ने बताया कि प्रभाग में अभी तक जंगलों में आग लगने की 35 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिसमें करीब तीस हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है।
पौड़ी जिले में जल चुका है 321 हेक्टेयर जंगल
पौड़ी जनपद के गढ़वाल वन प्रभाग में अब तक वनाग्नि की 217 घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 321 हेक्टेयर वन भूमि जल चुकी है। शुक्रवार शाम को खिर्सू ब्लाक के सिंगोरी ग्राम सभा में वनाग्नि आवासी भवनों तक आ पहुंची। ग्रामीण महेंद्र नेगी ने बताया कि लोगों ने कड़ी मेहनत से आग पर काबू पाया।
वहीं, शिकारी जॉय हुकिल ने कहा कि जंगलों की आग से गुलदार का भोजन जल रहा है। ऐसे में गुलदार बस्तियों की ओर रुख कर सकते हैं। उन्होंने लोगों को जंगलों की आग बुझाने में वन विभाग का सहयोग करने की अपील की है। वहीं, डीएफओ गढ़वाल केएस रावत ने कहा कि जंगलों की आग पर नियंत्रण के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।