रामनगर से पहाड़ को अधिकतर सुबह के समय ही राशन और अन्य सामान जाता है, लेकिन हाथी के डर की वजह से ट्रांसपोर्टरों ने अपना समय बदल दिया है। अब तड़के जाने की बजाय वह सुबह सात बजे के बाद ही निकल रहे हैं, क्योंकि हाथी इस समय तक सड़क से हट जा रहा है और वाहन सुरक्षित निकल रहे हैं।