उत्तराखंड में भाजपा जहां पीएम मोदी की जनसभाओं से बंपर मतदान की आस लगा रही थी, वहीं निर्वाचन आयोग के जारी संशोधित आंकड़ों ने पार्टी की उलझन बढ़ा दी है। पीएम की जिन चार विधानसभाओं में चुनावी जनसभाएं 10 से 12 फरवरी के बीच हुई वहां वर्ष 2012 के मुकाबले मतदान प्रतिशत गिर गया।
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pm modi rally
जनसभाओं में जमकर भीड़ तो उमड़ी, लेकिन मतदान प्रतिशत में उछाल नहीं ला सकी। इतना ही नहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिन विधानसभाओं में गए वहां अधिकांश में मत प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले कम ही रहा। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक यह नहीं समझ पा रहे है कि मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ने का कारण राज्य सरकार है या फिर केंद्र के निर्णय।
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pm modi rally
भाजपा विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रंट में रखकर उतरी। चुनाव की घोषणा से पहले 27 दिसंबर को देहरादून में सरकारी कार्यक्रम के साथ पीएम की एक जनसभा आयोजित कर शंखनाद फूंका गया। उस रैली में बंपर भीड़ उमड़ी, जिससे पार्टी को नई स्फू र्ति दी तो विरोधियों के कान खड़े हो गए।
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pm modi rally
पीएम के इस मैजिक को लहर में तब्दील करने के लिए पार्टी ने मोदी के इर्द गिर्द अपने प्रचार अभियान का ताना बाना बुना। पार्टी ने सुनियोजित ढंग से 4 फरवरी से अपना स्टार प्रचार शुरू किया, जबकि पीएम की जनसभाओं को अंतिम तीन दिन के लिए रखा। केंद्रीय नेताओं ने ताबड़तोड़ जनसभाएं कीं, जिसके बाद 10 फरवरी से पीएम हरिद्वार शहर से प्रचार की शुरुआत की। यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है।
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madan kaushik
सिटिंग विधायक मदन कौशिक पार्टी के दिग्गजों में शामिल हैं। इस सीट पर मतदान प्रतिशत वर्ष 2012 के मुकाबले दो प्रतिशत से अधिक कम हुआ। पीएम की दूसरी रैली रुद्रपुर में हुई, वहां भी सिटिंग विधायक राजकुमार ठुकराल भाजपा से हैं। इस सीट पर पिछले चुनाव के मुकाबले छह प्रतिशत का भारी अंतर रहा।
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नरेंद्र मोदी
12 फरवरी को मोदी ने सुबह श्रीनगर शहर में जनसभा की, जिस पर सिटिंग विधायक कांग्रेस के गणेश गोदियाल हैं। इस सीट पर पीएम के अलावा सर्वाधिक केंद्रीय नेताओं की सभाएं हुई हैं, लेकिन मतदान दो प्रतिशत से कम रहा है। इसी दिन दोपहर बाद पिथौरागढ़ में पीएम की जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन यहां भी तीन प्रतिशत वोटिंग पिछले चुनाव के मुकाबले कम रही। इस सीट पर सिटिंग विधायक कांग्रेस के मयूख सिंह महर हैं।
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harish rawat
- फोटो : amar ujala
हालांकि इन सीटों पर सीएम हरीश रावत की जनसभाएं भी हुई हैं, लेकिन अधिक बोलबाला मोदी लहर का रहा। ऐसे में चारों सीटों पर गिरे मतदान प्रतिशत से समीकरण उलझाने वाले बन रहे हैं। हालांकि दोनों ही दलों के इसको लेकर अपने अपने तर्क हैं। कांग्रेस का दावा है कि मोदी लहर नहीं थी जबकि भाजपा का कहना है कि एंटी इनकंबेंसी फेक्टर के चलते मतदान प्रतिशत गिरा है।
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वोटर
मतदान प्रतिशत
सीट वर्ष 2017 वर्ष 2012
श्रीनगर 57.42 59.17
हरिद्वार 65.01 67.82
रुद्रपुर 72.49 78.52
पिथौरागढ़ 62.54 65.24
कांग्रेस के स्टार प्रचारक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दो जनसभाएं और एक रोड शो आयोजित हुआ। राहुल की पहली जनसभा सोमेश्वर में हुई जहां सिटिंग विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई रेखा आर्य हैं। इस सीट पर बागियों के खिलाफ प्रचार हुआ, लेकिन मतदाता वोट देने कम निकला। वर्ष 2012 के मुकाबले इस सीट पर तीन प्रतिशत मतदान गिरा। पिछले चुनाव में यहां 57.96 प्रतिशत रहा जबकि इस बार 53.83 रहा। दूसरी रैली राहुल की सितारगंज में हुई जहां मतदान प्रतिशत 80.69 प्रतिशत से बढ़कर 81.21 प्रतिशत रहा। इसके अलावा राहुल का हरिद्वार की कई सीटों पर रोड शो भी हुआ था।