इंसान अपनी बातों बोलकर या कई अन्य तरीकों से दूसरों तक पहुंचा सकते हैं। इसी तरह बाघ और बाघिन अपना ये खास मैसेज अलग तरह से देते हैं।   बाघ, बाघिन पेड़, पत्तों पर अपने मूत्र, पेड़ों के तनों पर नाखून से निशान लगाकर अपने घर की सीमा बता देते हैं ताकि दूसरा बाघ, बाघिन वहां न घुसे।   इस सीमा का उल्लंघन होने पर उनमें आपसी संघर्ष हो जाता है।   कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के ढिकाला क्षेत्र में भी आजकल एक बाघिन ढिकाला ग्रासलैंड से लेकर सांभर रोड, रामगंगा पार तक अपनी सीमा बता रही है।    ऐसी एक बाघिन को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने अपने कैमरे में कैद किया है।