vishwakarma puja
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतराम के अनुसार, विश्वकर्मा को देवशिल्पी यानी कि देवताओं के वास्तुकार के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि उन्होंने देवताओं के लिए महलों, हथियारों और भवनों का निर्माण किया था। इस दौरान औजारों, मशीनों और दुकानों की पूजा करने का विधान है। इस बार इस वर्ष वृश्चिक लग्न में सुबह 10:17 बजे से 12:34 तक पूजन करना विशेष लाभकारी व फलदायी है।