ये है लोक संस्कृति की 'विरासत', देखना न मिस करिएगा
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दूसरे सत्र में क्लासिकल संगीत के महारथी बलवंत राय वर्मा, पंडित उमाशंकर मिश्रा, शरण रानी, पंडित तेजेंद्र मजूमदार व गुढेचा भाइयों के शिष्य लक्ष्य मोहन गुप्ता व आयुष मोहन गुप्ता ने नायाब सितार-सरोद जुगलबंदी की प्रस्तुति दी।