नर्मदा घाटी की विंध्याचल-सतपुड़ा रेंज का नकटी तलाई क्षेत्र सूर्पनखा की किवदंतियों से जुड़ा हुआ है। माना जाता है इसी क्षेत्र में लंकेश की बहन सूपर्णखा का विचरण होता रहा है।
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painting on cave wall
अब इस क्षेत्र में लंका जैसी कुछ निशानियां मानव विज्ञानियों को मिली हैं। इसके साथ ही यहां की प्राचीन गुफा में झूला पुल का भित्ति चित्र मिला है, जिसमें वानर एक से दूसरी ओर जाते हुए दिख रहे हैं।
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vindhyachal satpura range
मानव विज्ञानियों ने मध्यप्रदेश में हुसंगाबाद से 40 किमी दूर नकटी तलाई के पास इस गुफा का जायजा लिया है।
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painting on cave wall
- फोटो : amar ujala
वरिष्ठ मानव विज्ञानी डॉ. एआर डेक्कन कालेज के प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ. एचडी संकालिया ने सालों पहले कहा था कि रावण की लंका श्रीलंका में नजर नहीं आई, उसे मध्यप्रदेश के आसपास कहीं होना चाहिए।
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vindhyachal satpura range
डॉ. सांख्यान ने बताया कि डॉ. संकालिया ने इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिए हैं, लेकिन झूला पुल की पेंटिंग इसकी निशानदेही करती है।
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vindhyachal satpura range
उनका कहना है कि श्रीलंका जाने के लिए रास्ता विंध्याचल-सतपुड़ा रेंज से निकलता है।
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vindhyachal satpura range
इसके साथ ही यहां का क्षेत्र श्रीलंका के सिगरिया क्षेत्र से मिलता-जुलता है। यहां तालाब के नीचे कमल खिले हुए हैं।