हर्षिल के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला, तो बगोरी के ग्रामीणों का दशकों पुराना दर्द छलक उठा। भारत-चीन युद्ध के दौरान वर्ष 1962 में अपने मूल गांव नेलांग और जाढ़ूंग से बेदखल किए गए ग्रामीणों ने पीएम से समुचित मुआवजा देने या फिर उन्हें फिर से अपने गांवों में बसाने की मांग की।