पूरा देश 11 दिनों से टनल में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी की दुआ मांग रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये सभी आज बाहर आ पाएंगे। शासन प्रशासन के भरसक प्रयासों से सभी श्रमिक जल्द ही अपने परिवार के बीच होंगे। लेकिन, टनल से बाहर आने के बाद भी इन मजदूरों का जीवन कुछ दिनों तक असामान्य रह सकता है।
उन्हें कई तरह के भय और बीमारी के होने का भी खतरा हो सकता है। यह मानना है मनोवैज्ञानिकों का। टनल से बाहर आने के बाद मजदूरों को सामान्य जीवन बीताने में उनके परिवार और जिम्मेदार लोगों की अहम भूमिका होगी। दरअसल, सुरंग की खोदाई में लगे मजदूरों का जीवन आम मजदूरों से अलग होता है।
यही कारण है कि अभी तक कम प्राण वायु और तंग माहौल में भी मजदूरों का हौसला बना हुआ है। उन्हें बचाने के लिए तमाम प्रयास भी किए जा रहे हैं।