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Uttarkashi Tunnel Rescue: बाहर आने पर भी सामान्य नहीं रहेगा श्रमिकों का जीवन...दस तस्वीरों के साथ जानें वजह

Wed, 22 Nov 2023 07:53 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
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श्रमिकों के सुरंग से बार निकलने का इंतजार करते परिजन व स्थानीय लोग। - फोटो : amar ujala

पूरा देश 11 दिनों से टनल में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी की दुआ मांग रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये सभी आज बाहर आ पाएंगे। शासन प्रशासन के भरसक प्रयासों से सभी श्रमिक जल्द ही अपने परिवार के बीच होंगे। लेकिन, टनल से बाहर आने के बाद भी इन मजदूरों का जीवन कुछ दिनों तक असामान्य रह सकता है।

उन्हें कई तरह के भय और बीमारी के होने का भी खतरा हो सकता है। यह मानना है मनोवैज्ञानिकों का। टनल से बाहर आने के बाद मजदूरों को सामान्य जीवन बीताने में उनके परिवार और जिम्मेदार लोगों की अहम भूमिका होगी। दरअसल, सुरंग की खोदाई में लगे मजदूरों का जीवन आम मजदूरों से अलग होता है।

यही कारण है कि अभी तक कम प्राण वायु और तंग माहौल में भी मजदूरों का हौसला बना हुआ है। उन्हें बचाने के लिए तमाम प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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सुरंग के बाहर परेशान परिजन - फोटो : amar ujala
देश का सबसे उन्नत आपदा मोचन बल एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अत्याधुनिक मशीन से मजदूरों तक पहुंचने के प्रयास में जुटा है। लेकिन, सवाल है कि क्या मजदूर पहली जैसी जिंदगी जीएंगे या उसमें कुछ वक्त लगेगा।
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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
इस बारे में मनोवैज्ञानिक डॉ. वीणा कृष्णन ने बात की। उन्होंने बताया कि टनल में काम करने वाले मजदूर तंग माहौल में जीने के आदी होते हैं। लेकिन, यह स्थिति उससे भी अलग है।

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टनल के ऊपर ड्रिल के लिए बन रही सड़क - फोटो : amar ujala
यह वह तंग माहौल नहीं है जिसमें वह दिन रात काम करते हैं। अब उन्हें जीवन बचाने के लिए केवल समय बीताना है। ऐसे में क्लोज स्पेस फोबिया उन्हें आगे के जीवन में घेर सकता है।
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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
यानी उन्हें ऐसे माहौल या छोटे कमरों से भी डर लग सकता है। हालांकि, यह व्यक्ति के शरीर पर भी निर्भर करता है।
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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
इसी तरह उन्हें पोस्ट ट्रॉमा चेस्ट डिसऑर्डर भी हो सकता है। इसमें व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है। यह डर के कारण ही होता है।
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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
डॉ. कृष्णन ने बताया कि यह इस तरह की समस्या में पसीना आना या फिर नींद की कमी भी उन्हें घेर सकती है।

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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
उन्होंने इस बारे में साफ किया कि ऐसा व्यक्ति विशेष के शरीर भी बहुत हद तक निर्भर करता है।

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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
इसके लिए जरूरी है कि जब वह अपने घर आएं तो इस डर को निकालने के लिए भी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

ये भी पढ़ें...Tunnel Rescue: ...तो पाइप आर-पार होने के बाद इतने समय में सुरंग से बाहर आ जाएंगे मजदूर, ये है प्लान

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उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूर - फोटो : amar ujala
यह उनके परिवार से संभव न हो तो शासन प्रशासन उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद करे। उनकी सबसे पहले काउंसिलिंग और शुरुआती इलाज बेहद जरुरी है।
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