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चांदी सी चमक रही देवभूमि: सफेद चादर में ढका गंगोत्री-यमुनोत्री धाम, ग्लेशियर हुए रिचार्ज...तस्वीरों में देखें

Mon, 05 Feb 2024 01:43 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला नेटवर्क, उत्तराखंड
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उत्तरकाशी हर्षिल में बर्फबारी का नजारा - फोटो : अमर उजाला
देवभूमि उत्तराखंड चांदी सी चमक रही है। पहाड़ों पर बर्फबारी की सिलसिला जारी है। वहीं गंगोत्री- यमुनोत्री धाम ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। फरवरी की शुरुआत बारिश-बर्फबारी के साथ हुई थी। एक दिन मौसम साफ रहने के बाद फिर मौसम बदला तो सुबह से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। 



इन बर्फीली वादियों के दीदार का मौका कोई नहीं छोड़ना चाहता है। इसलिए टूरिस्ट भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यमुनोत्री धाम सहित आसपास बर्फबारी दूसरे दिन भी जारी है। लगातार बारिश बारिश के बीच यमुनोत्री धाम का ताजा मनमोहक नजारा सामने आया। धाम में रह रहे हनुमान मंदिर के मुख्य भरत महाराज ने बताया कि धाम में करीब तीन फिट से अधिक बर्फ पड़ चुकी है और अभी भी बर्फबारी जारी है।

पहाड़ों की रानी मसूरी में भी देर रात से रुक रुककर हो बारिश, हो रही है।वहीं चमोली के गैरसैंण के पैंसर,पनछूया, भराड़ीसैंण, दूधातोली पर्वत चोटियां बर्फ से ढकी हैं। कर्णप्रयाग में भी रात से बारिश के साथ ही थराली, देवाल,गैरसैण की पहाड़ियां हिमाच्छादित है।
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बर्फ की सफेद चादर से ढका गंगोत्री धाम। - फोटो : amar ujala
दूसरी तरफ गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गंगनानी से ऊपर गंगोत्री तक बर्फबारी से अवरुद्ध हैं। बीआरओ द्वारा मशीनरी व मजदूर तैनात किए गए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों राड़ी टॉप, चौरंगीखाल, गंगनानी, सुक्की टॉप गंगोत्री, हर्षिल, यमुनोत्री, जानकीचट्टी फूलचट्टी क्षेत्रों मे बर्फबारी हो रही है।
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बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला
इस साल दो बार बारिश-बर्फबारी होने से जहां एक ओर ग्लेशियर रिचार्ज हुए हैं, वहीं किसानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर चमक बिखर गई है।

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हर्षिल में बर्फबारी - फोटो : amar ujala
कारोबारियों का कहना है वीकेंड के समय बर्फबारी होने से अच्छा कारोबार हुआ। पहले इस तरह का काम दिसंबर-जनवरी में हुआ करता था।

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हर्षिल - फोटो : amar ujala
मौसम के बदले चक्र और जलवायु परिवर्तन के चलते भले ही बारिश-बर्फबारी में देरी हुई है। लेकिन, फरवरी में अभी तक दो बार हुई बर्फबारी से ग्लेशियर अच्छे रिचार्ज हुए हैं। इसका निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। इस महीने अभी एक-दो बार और ऐसा ही मौसम होने की संभावना है। 
- बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून
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