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कुदरत का कहर: चकराता में अतिवृष्टि से छानियों पर गिरा भारी मलबा, पिता-बेटी समेत तीन की दबने से मौत, तस्वीरें...

Thu, 20 May 2021 09:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चकराता/कालसी
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चकराता में अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
देहरादून जिले में चकराता तहसील के राजस्व क्षेत्र लाखामंडल अंतर्गत ग्राम कोल्हा के खेड़ा बिजनाड़ छानी में अतिवृष्टि से भारी मलबा तीन आवासीय छानियों के ऊपर आ गिरा। हादसे में पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई। चार अन्य लोग मामूली रूप से घायल हो गए। उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। 26 मवेशियों की भी मलबे में दबने से मौत हो गई। 

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जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बीती देर रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 8:00 बजे गांव से कुछ ऊपर जंगल में अतिवृष्टि से तेज आवाज के साथ भारी मलबा नीचे की ओर आने लगा।

देखते ही देखते मलबे ने तीन आवासीय छानियों को चपेट में ले लिया। यह देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंच कर अपनी जान बचाई। मलबे में दबने से मुन्ना दास (32), उनकी पुुत्री साक्षी (13) और काजल पुत्री शीशपाल (13) की मौत हो गई। हादसे में मृतक मुन्ना दास की पत्नी बालो देवी, बेटा मुकुल, बालो देवी पत्नी शीशपाल और ऊषा देवी पत्नी विक्रम घायल हो गईं।
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चकराता में अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
मलबे से प्रभावित परिवारों के घरों में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी चकराता संगीता कनौजिया, तहसीलदार पूरण सिंह तोमर, राजस्व पुलिस निरीक्षक सरदार सिंह राणा, उपनिरीक्षक जीवन सिंह तोमर, चकराता थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य में जुट गई। एसडीएम ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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चकराता में अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
मलबे में करीब 27 मवेशी भी दब गए। इनमें 15 बकरियां, पांच बैल, पांच गाय और एक घोड़ा शामिल है। पशुपालन ही पीड़ित परिवारों की रोजी रोटी का मुख्य साधन था। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्र चकराता का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

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चकराता में अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
तहसील प्रशासन को भी जरूरी निर्देश दिए। मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों को मौलिक सुविधाएं व जरूरत की चीजें उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से वार्ता की।
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चकराता में अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
प्रीतम सिंह ने कहा की कांग्रेस आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पण और सेवाभाव से जुटी है। कांग्रेस पार्टी का हर एक साथी आपदा प्रभावितों की मदद के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त उत्तराखंड को संकट से उबारना कांग्रेस की प्राथमिकता है। हादसे की खबर लगते ही निकटवर्ती क्वांसी, बिजनू और जोगियो आदि गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटना स्थल पर पहुंचे। लोगों ने गैंती, फावड़े और बेलचे जैसे सीमित संसाधनों से मलबे में जिंदगी की तलाश शुरू कर दी। हादसा सुबह आठ बजे हो गया था। चारों तरफ सिर्फ मलबा फैला था। आवासीय छानियों का अधिकांश हिस्सा भी मलबे की भेंट चढ़ चुका था। हर तरर्फ बर्बादी का मंजर था।
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करीब दो घंटे बाद 10 बजे सूचना पहुंची - फोटो : अमर उजाला
कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने एक शव को किसी तरह बाहर निकाला। घटना स्थल की चकराता ब्लॉक मुख्यालय से दूरी 35 किमी है। फिर गांव तक पहुंचने के लिए दो से ढाई किमी का पैदल रास्ता है। प्रशासन तक करीब दो घंटे बाद 10 बजे सूचना पहुंची। इसके बाद थाना पुलिस और एसडीआरएफ के जवान करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंचे। तब तक किसी तरह ग्रामीण एक शव को निकाल चुके थे, जबकि बालिकाओं के दो शवों मलबे में काफी नीचे दबे थे। ग्रामीणों ने एसडीआरएफ के सहयोग से करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों शवों को भी बाहर निकाला। मलबे में दबी तीन जिंदगियों को न बचा पाने का दर्द हर चेहरे पर दिखाई दिया।
 
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