भारत को चीन सीमा को जोड़ने वालीं मुनस्यारी-मिलम और धारचूला में तवाघाट-दारमा-सोबला सड़कें मलबे से बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की भी कई सड़कें रौखड़ में तब्दील हो गईं हैं। डीडीहाट-पमस्यारी सड़क भी मलबा आने से दिनभर बंद रही।
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- फोटो : अमर उजाला
पिथौरागढ़ जिले में 11 सड़कें बंद हैं। धारचूला और मुनस्यारी के ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी के अस्थायी पुलों के बह जाने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
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इधर, चंपावत में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को स्वांला के पास मलबा आने से करीब आधे घंटे बाधित रहा। तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर मालपा, छंकन, लामारी बुदि और छियालेख में बारिश के कारण मलबा जमा हो गया है।
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कुछ स्थानों पर कीचड़ में टायर धंसने से सेना, आईटीबीपी, एसएसबी सहित स्थानीय लोगों की गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। जिसके चलते जवानों ने खुद ही रास्ता साफ किया। बता दें कि मौसम विभाग ने पिथौरागढ़ जिले में 13 और 14 जुलाई को भारी से भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
इस चेतावनी के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग चौकन्ना हो गया है। आपदा प्रबंधन की ओर से सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों को भी सावधानी बरतने और नदी नालों के किनारे न जाने की अपील की गई है।