एनएचआईडीसीएल के कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों को समय काटने और मनोबल बढ़ाए रखने के लिए पाइप के रास्ते बैट-बॉल भेजे गए थे। अब इस बैट-बॉल को एनएचआईडीसीएल आफिस में यादें संजोकर रखी जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मजदूरों के लिए मोबाइल फोन भेजे गए थे जिसमें वीडियो गेम और फिल्मी गाने थे, जिससे वह अपना मनोरंजन कर रहे थे। इसके बाद जब भोजन भेजने के लिए बड़ा पाइप लगा दिया गया तो उसके जरिए बैट-बॉल भी भेजा गया, ताकि वह खेलकर अपना समय गुजार सकें।