सिद्धबली महोत्सव
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उसके बाद यमुना नगर की अधोरी झांकी, बिलारी मुरादाबाद की केरल की झांकी, रुड़की की हनुमान झांकी, बैजोई का काली का अखाड़ा, राधा कृष्ण की झांकी, पांच काली की झांकी, श्याम मित्र समिति की खाटू श्याम की झांकी, मंसार लोक कला समिति की गढ़वाली लोक संस्कृति पर आधारित झांकी, जगदंबा कीर्तन मंडली की कण्वाश्रम पर आधारित झांकी और नजीबाबाद के कलाकारों की ओर से निर्मित श्रीराम मंदिर अयोध्या की झांकी आकर्षक का केंद्र रहीं।