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झकझोर देंगी ये तस्वीरें: शवों के गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, एक साथ जली कई चिताएं तो बहा आंसूओं का सैलाब

Thu, 06 Oct 2022 11:19 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में लालढांग से पौड़ी जा रही बरात की बस दुर्घटना में मारे गए कई ग्रामीणों के शवों का बृहस्पतिवार को चंडीघाट स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। जबकि एक बच्चे को दफनाया और एक ग्रामीण के शव को भूसमाधि दी गई। 13 शव लालढांग, रसूलपुर और गाजीवाली उनके गांव लाए गए।

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शवों के पहुंचते ही चीख पुकार से गांवों में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार में ग्रामीणों का सैलाब उमड़ा। हर किसी ने नम आंखों ने मृतकों को अंतिम विदाई दी। हरिद्वार से भी कई लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। 

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लालढांग के संदीप की बरात चार अक्तूबर को पौड़ी जिले के कांडा मल्ला गांव के लिए निकली थी। बस में 52 लोग सवार थे। इनमें लालढांग, रसूलपुर, गाजीवाली गांवों के अलावा दूल्हे संदीप के नाते-रिश्तेदार अलग-अलग गांवों के थे।
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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
बीरोंखाल-रिखणीखाल मार्ग पर सिमड़ी बैंड के पास कमानी का पट्टा टूटने से बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। हादसे में 33 लोगों की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को तीसरे दिन गांव शव लाए गए। शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। 
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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
मृतकों में लालढांग के धीरेंद्र (35) पुत्र राजेंद्र प्रसाद, सुरेंद्र (65) पुत्र बिंदुनाथ, संदीप नाथ (25) पुत्र भारत नाथ, कुलदीप (36) पुत्र नंदराम और सोनू (28) पुत्र गजेंद्र के शव दोपहर करीब दो बजे गांव लाए गए। जबकि गाजीवाली के सतीश नाथ (35) पुत्र चंद्रमोहन, अनिल नाथ (29) पुत्र चंद्र मोहन और वर्षा देवी (32) पत्नी सतीश नाथ और आठ वर्षीय बेटे लक्ष्य का शव दोपहर 12 बजे गांव लाए गए। 

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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
मृतकों में लालढांग के धीरेंद्र (35) पुत्र राजेंद्र प्रसाद, सुरेंद्र (65) पुत्र बिंदुनाथ, संदीप नाथ (25) पुत्र भारत नाथ, कुलदीप (36) पुत्र नंदराम और सोनू (28) पुत्र गजेंद्र के शव दोपहर करीब दो बजे गांव लाए गए। जबकि गाजीवाली के सतीश नाथ (35) पुत्र चंद्रमोहन, अनिल नाथ (29) पुत्र चंद्र मोहन और वर्षा देवी (32) पत्नी सतीश नाथ और आठ वर्षीय बेटे लक्ष्य का शव दोपहर 12 बजे गांव लाए गए। 
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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
रसूलपुर गांव के पंकज (16) पुत्र गोविंद, गुड़िया (29) पत्नी अनिल, संगीत (36) पुत्र भूरा नाथ और मुकेश (36) पुत्र छोटे लाल के शव सुबह ही गांव लाए गए। लालढांग, रसूलपुर और गाजीवाली तीनों गांव के कुल 13 मृतकों में 11 शवों का चंडी घाट श्मशान पर अंतिम संस्कार किया गया।
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हादसे के बाद घर में कोहराम - फोटो : अमर उजाला
जबकि आठ वर्षीय लक्ष्य को दफनाया और मुकेश नाथ को भूसमाधि दी गई। चंडी घाट पर छह मृतकों के शव कोटद्वार दुगड्डा से अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। श्मशान घाट पर बरात की बस हादसे के कुल 17 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।
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