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उत्तराखंड: अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए राज्य आंदोलनकारी, महिला ने पेड़ पर चढ़कर किया प्रदर्शन, तस्वीरें

Fri, 01 Oct 2021 02:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
एक समान पेंशन व अन्य लंबित मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को राजधानी देहरादून में अनोखा प्रर्दशन किया। इस दौरान कचहरी स्थित शहीद स्थल पर राज्य आंदोलनकारियों ने धरना भी किया। वहीं तड़के चार बजे कुछ आंदोलनकारी पेड़ और भवन की छत पर चढ़ गए। नकारी के मुताबिक शुक्रवार को एक समान वेतन, सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश भर के आंदोलनकारी देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर एकजुट हुए। इस दौरान सुबह 4.30 बजे थलीसैंण से पहुंची 60 वर्षीय संपत्ति देवी पेड़ पर चढ़ गईं। उनके साथ पौड़ी की यशोदा रावत, रीना देवी, उत्तरकाशी के जगमोहन रावत और देवेश्वरी देवी भी शहीद स्मारक की छत पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को पूरा करने की जिद करने लगे और उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान आंदोलनकारियों के प्रति सरकार के रुख को अड़ियल बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
शहीद स्मारक स्थित पेड़ पर चढ़ी आंदोलनकारी महिला संपत्ति देवी ने कहा कि जब तक सरकार के प्रतिनिधि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन नहीं देते, तब तक वह पेड़ से नीचे नहीं उतरेंगी।
 
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचीं। उन्होंने आंदोलनकारियों को शाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता का आश्वासन दिया।

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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड राज्य निर्माण चिन्हित आंदोलनकारी मंच की प्रदेश महासचिव वीरा भंडारी ने कहा कि अगर सरकार ने अभी अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ा तो इतिहास एक बार फिर दोहराया जाएगा।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
वीरा भंडारी ने कहा कि एक और दो अक्तूबर का दिन उत्तराखंड के इतिहास में काला दिवस के रूप में जाना जाता है। एक बार फिर आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। भंडारी ने कहा कि कल दो अक्तूबर को मुजफ्फरनगर कांड की बरसी को राज्य आंदोलनकारी काला दिवस के रूप में मनाएंगे।
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