समय के साथ योगनगरी में भी चाइनीज और फास्ट फूड का चलन बढ़ा है। लेकिन स्वर्गाश्रम स्थित चोटीवाला होटल की उत्तर भारत की पारंपरिक थाली का लाजवाब स्वाद लोगों की जुबान से उतरने का नाम नहीं ले रहा है। बड़ी संख्या में देश विदेश से सैलानी भोजन के लिए 63 साल पुराने होटल में पहुंचते हैं।
18 मार्च 1958 को स्वर्गाश्रम में दो भाई दिनेश अग्रवाल और शैलेश अग्रवाल ने चोटीवाला होटल खोला था। क्षेत्र में घूमने आ रहे लोगों को होटल में घर जैसा स्वाद की प्राथमिकता से साथ होटल शुरू किया गया था। होटल में लोगों को दाल, चावल, रोटी, फुल्का, सब्जी आदि का बेजोड़ स्वाद मिला। इसी स्वाद से होटल ने प्रसिद्धि हासिल की। करीब 37 साल बाद साल 1995 में दोनों भाई अलग-अलग हो गए।
आज स्वर्गाश्रम में चोटीवाला के नाम से दो होटल हैं। स्वर्गाश्रम के आसपास अब कई होटल और रेस्टोरेंट खुल गए हैं। यहां चाइनीज और फास्ट फूड परोसा जाता। लेकिन चोटीवाला होटल अब भी देश, विदेश के सैलानियों और स्थानीय लोगों के लिए आर्कषक के केंद्र बना हुआ है। होटल की उत्तर भारत की थाली आज भी सैलानियों की पहली पसंद बनी हुई है।