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उत्तराखंड में आग का तांडव: 40 स्थानों पर धधक रहा पहाड़, 24 घंटे में 69 हेक्टेयर जंगल को हुआ नुकसान

Sun, 04 Apr 2021 11:15 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही जंगल की आग को देखते हुए अब वन विभाग के सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को हुई आपात बैठक में यह आदेश जारी किया। इस समय प्रदेश में 40 स्थानों पर जंगल धधक रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी जिलाधिकारियों के साथ वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में बने रहने को कहा। साथ ही फायर वॉचर को 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी कंट्रोल रूम को तुरंत मिलनी चाहिए।

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रिस्पांस टाइम में कमी लाई जाए। वन पंचायतों सहित स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाए, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चे और बुजुर्ग आग बुझाने के लिए न जाएं। लोगों को जागरूक किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने जंगल की आग से नुकसान होने पर प्रभावितों को मानकों के अनुरूप मुआवजा जल्द से जल्द देने, फील्ड स्तर पर गाड़ियों व उपकरणों की कमी न होने और कंट्रोल रूम की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया।
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उत्तराखंड के जंगल में आग - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने जंगल में आग लगाने वाले तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और कुंभ मेला क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने को भी कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में वनाग्नि की घटनाओं को कम से कम करने के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर तक कंट्रोल रूम और फायर स्टेशन स्थापित किए जाएं। 
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
एक अक्तूबर 2020 से चार अप्रैल 2021 तक प्रदेश में कुल मिलाकर 1360 हेक्टेयर जंगल को आग के कारण नुकसान हो चुका है। इससे करीब 39.46 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 22 पशु घायल हुए हैं और सात पशुओं की मौत हुई है। अब पिछले 24 घंटे में ही आग के करीब 45 मामले सामने आए जिससे 69 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में आरक्षित वन क्षेत्र में 40 और सिविल/वन पंचायत क्षेत्र में आग के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें से 26 मामले गढ़वाल मंडल और आठ मामले कुमाऊं मंडल के हैं। 11 मामले अन्य स्थानों से सामने आए। 

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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
यह है स्थिति 
- 983 वनाग्नि की घटनाएं 
- 1292 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित
- वर्तमान में 40 एक्टिव फायर 
- नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल अधिक प्रभावित
- 12 हजार वन कर्मी तैनात
- 1313 फायर क्रू स्टेशन
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड की वन संपदा सिर्फ राज्य की ही नहीं बल्कि पूरे देश की धरोहर है। राज्य में इस बार सर्दियों में कम बारिश हुई और इस वजह से आग लगने की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। वनों की आग से सिर्फ वन संपदा को ही नुकसान नहीं हो रहा है बल्कि जनहानि और वन्यजीवों को भी नुकसान हो रहा है। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की है और आपात बैठक बुुलाकर पूरी स्थिति की समीक्षा की गई। 
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री 
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