उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही जंगल की आग को देखते हुए अब वन विभाग के सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को हुई आपात बैठक में यह आदेश जारी किया। इस समय प्रदेश में 40 स्थानों पर जंगल धधक रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी जिलाधिकारियों के साथ वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में बने रहने को कहा। साथ ही फायर वॉचर को 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी कंट्रोल रूम को तुरंत मिलनी चाहिए।
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रिस्पांस टाइम में कमी लाई जाए। वन पंचायतों सहित स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाए, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चे और बुजुर्ग आग बुझाने के लिए न जाएं। लोगों को जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जंगल की आग से नुकसान होने पर प्रभावितों को मानकों के अनुरूप मुआवजा जल्द से जल्द देने, फील्ड स्तर पर गाड़ियों व उपकरणों की कमी न होने और कंट्रोल रूम की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया।