फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haridwar News: चार युवकों के खून से लाल हुआ ट्रैक, गुस्साए लोग शुक्रवार की सुबह रेलवे फाटक पर धरने पर बैठे

Fri, 08 Jan 2021 03:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal दीपक प्रजापति, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला
लक्सर-हरिद्वार के बीच रेलवे के डबल ट्रैक का ट्रायल के पहले ही दिन चार युवकों के खून से सन गया। जान गंवाने वाले युवक और रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही ही नजर आ रही है। काफी समय से ट्रेनों का कम संचालन होने के कारण युवक निश्चित होकर ट्रैक पर बैठे थे और रेलवे ने भी यह मुनादी नहीं कराई थी कि गुरुवार को शाम के समय इस ट्रैक पर ट्रायल किया जाएगा। 

 
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
वहीं घटना से गुस्साए लोग शुक्रवार की सुबह सीतापुर रेलवे फाटक पर धरने पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। लक्सर-हरिद्वार रेल ट्रैक का दोहरीकरण का काम कई सालों से चल रहा था। अभी कुछ समय पहले यह काम पूरा हुआ। रेलवे ने गुरुवार को इस ट्रैक पर ट्रायल के लिए ट्रेन चलाई। बताया जा रहा है कि आमतौर यहां ट्रैक पर लोग बैठे रहते थे। गुरुवार शाम को भी यह युवक ट्रैक पर बैठे थे। इनको नहीं पता था कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन आ रही है। इसलिए शायद उनको संभलने का वक्त नहीं मिला।
 
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैक के ट्रायल से पहले रेलवे के अधिकारियों ने एक्कड़ रेलवे स्टेशन पर पूजा अर्चना भी की थी। अधिकारियों को भी इस बात का जरा अंदेशा नहीं रहा होगा कि जिस ट्रैक की सफलता के लिए वह पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वह पहले दिन ही खूनी साबित होगा। हादसा कितना वीभत्स था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चारों की युवकों के शरीर के अंग बिखरे पड़े थे। घटना के बाद जब पुलिस ट्रैक पर पहुंची तो युवकों को अंगों को एकत्र करने में भारी दिक्कत हुई। पुलिस को यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा था हाथ और पैर किसके हैं। 
 

4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को मौके से अभी तक मात्र चार शव ही बरामद हुए हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि ट्रेन की स्पीड अधिक होने के कारण कोई और भी उसकी चपेट में न आया हो, जो दूर जाकर गिरा हो। इसलिए आसपास के जंगल में तलाश करवाई जा रही है। जमालपुर फाटक पर एक बार पहले भी हादसा हो चुका है। 19 अप्रैल 2019 को नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो नर हाथियों की मौत हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ था जब हाथी आबादी क्षेत्र से वापस लौट रहे थे। जमालपुर फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आकर हुई चार युवकों की मौत के मामले में हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने रेलवे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
हादसे की सूचना मिलते ही विधायक स्वामी यतीश्वरानंद मौके पर पहुंचे। विधायक का कहना था कि आबादी क्षेत्र होने के कारण यहां पर रेलवे को दीवार या कोई अन्य चेतावनी बोर्ड लगवाना चाहिए था। विधायक ने युवकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। मुरादाबाद मंडल के डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि इस मामले में रेलवे की कोई गलती नहीं है। रेलवे अपने क्षेत्र में कार्य करता है। वहां से निकलने वालों को इसका ध्यान रखना चाहिए। रेलवे क्षेत्र से बाहर की घटना होती तो इसके लिए विभाग जिम्मेदार होता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें