ट्रैक के ट्रायल से पहले रेलवे के अधिकारियों ने एक्कड़ रेलवे स्टेशन पर पूजा अर्चना भी की थी। अधिकारियों को भी इस बात का जरा अंदेशा नहीं रहा होगा कि जिस ट्रैक की सफलता के लिए वह पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वह पहले दिन ही खूनी साबित होगा। हादसा कितना वीभत्स था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चारों की युवकों के शरीर के अंग बिखरे पड़े थे। घटना के बाद जब पुलिस ट्रैक पर पहुंची तो युवकों को अंगों को एकत्र करने में भारी दिक्कत हुई। पुलिस को यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा था हाथ और पैर किसके हैं।