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सेम मुखेम मेला: देव डोलियों का नृत्य देखने उमड़ी भक्तों की भीड़, दर्शन कर लिया नागराजा का आशीर्वाद, तस्वीरें

Fri, 26 Nov 2021 07:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, लबगांव (टिहरी)
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सेम मुखेम मेले में डेव डोलियों का नृत्य - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के टिहरी में शुक्रवार को आयोजित सेम मुखेम मेले में देव डोलियों का नृत्य देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके साथ ही नागराजा मेले का देव डोलियों के नृत्य, निशान और ध्याणियों के मिलन और तीन साल बाद फिर मिलने के वादे के साथ रंगारंग समापन हुआ। तड़के चार बजे से ही मंदिर में नागराजा के दर्शन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

शुक्रवार को दो दिवसीय सेम-नागराजा त्रैवार्षिक जात्रा का शानदार समापन हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल ने बताया कि मेले में टिहरी जिले के अलावा उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों से लोग पहुंचे।

टिहरी: सीएम धामी की घोषणा, राज्यस्तरीय घोषित हुआ सेम-मुखेम मेला, छठवें धाम के रूप में विकसित होगा मंदिर

करीब 10 बजे सेम-नागराजा के निशान, डोली मड़भागी सौड़ पहुंचे। मुखमालगांव की देव डोलियों के साथ ग्रामीण लाठियों के साथ नृत्य करते दिखे। मुख्य पंडाल में गायिका पूनम सती और साथी कलाकारों ने भजनों व लोकगीतों की प्रस्तुति दी। 
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सेम मुखेम मेले में डेव डोलियों का नृत्य - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि पूर्व में जब कृष्ण भगवान ने यहां पर अवतार लिया था, तो वीरभड़ गंगू रमोला से उन्होंने रहने के लिए भूमि मांगी थी। लेकिन तब गंगू रमोला ने उन्हें भूमि देने से मना कर दिया। गंगू रमोला की कोई संतान नहीं थी। भगवान कृष्ण ने गंगू रमोला को सपने में दर्शन देकर उसे दो पुत्रों की प्राप्ति का वरदान दिया। इसके बाद गंगू रमोला ने श्रीकृष्ण को यहां भूमि प्रदान की। तब इस भूमि पर भगवान ने रासलीला रचाई। तब से इस स्थान पर हर तीसरे वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है।
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सेम मुखेम मेले में डंडो के साथ नृत्य करते भक्त् - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को सेम मुखेम मेले के दौरान श्रद्धालुओं को कई बार जाम की समस्या से जूझना पड़ा। मार्ग पर जगह-जगह जाम लगने से पुलिस के ट्रैफिक प्लान पर लोगों ने सवाल उठाए। मुखेम गांव से मड़भागी सौड़ तक करीब तीन किमी हिस्से में जाम लगा रहा। लोग तीन से चार घंटे तक जाम में फंसे रहे। 

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सेम मुखेम मेले में सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
वहीं, मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नागराजा के धाम सेम मुखेम को छठवें धाम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। सीएम ने सेम-मुखेम को राज्य स्तरीय मेला घोषित करने, डोबरा-चांठी पुल से लंबगांव मोटर मार्ग और जाख से डोबरा मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण समेत कई घोषणाएं की।
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सेम मुखेम मेले में डेव डोलियों का नृत्य - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि मंदिर के रास्ते का चौड़ीकरण और सुधारीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सीएम धामी ने देवी-देवताओं की डोली और निशानों से आशीर्वाद लिया। प्रतापनगर विधायक विजय सिंह पंवार ने सीएम को चांदी का मुकुट भेंट किया।
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सेम मुखेम मेले में डेव डोलियों का नृत्य - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सेम-मुखमे को छठे धाम के रूप में स्थापित करने का फैसला लिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने कहा कि पांच साल में सरकार ने प्रत्येक वर्ग का उत्थान किया है। ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला ने बांध प्रभावित क्षेत्र में दो मॉडल इंटर कॉलेज और अस्पताल बनाने की मांग रखी। 
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