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खास तकनीक: बिहार की शगुन ने नैनीताल में मिट्टी से बनाए खूबसूरत भूकंपरोधी घर, प्रशिक्षण लेने आ चुके 12 देशों के लोग 

Tue, 25 May 2021 05:23 PM IST
अलका त्यागी पंकज कुमार, अमर उजाला, नैनीताल
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बिहार की शगुन ने नैनीताल में बनाए भूकंपरोधी घर - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल के दूरस्थ गांव महरोड़ा में मिट्टी और लकड़ी से निर्मित भूकंपरोधी घर बनाए गए हैं। यह घर दिखने में जितने आकर्षक हैं, उतने ही मजबूत और टिकाऊ भी हैं। वर्ष 1991 में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आए भीषण भूकंप में हुई भारी तबाही से सबक लेकर यह घर बनाए गए हैं। 

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गीली मिट्टी एनजीओ के तहत काम कर रहीं बिहार निवासी शगुन सिंह महरोड़ा गांव में भूकंपरोधी घर बना रही हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अमेरिका, फ्रांस, इटली, जर्मनी, मेक्सिको, जापान और पड़ोसी देश नेपाल सहित करीब 12 देशों के लोग शगुन की भूकंपरोधी घर बनाने की तकनीक सीखने नैनीताल आ चुके हैं।

शगुन ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि पहाड़ों पर आने वाली आपदा को देखते हुए अर्थ बैग, कॉब, एडोबी, टिंबर फ्रेम, लिविंग रूम तकनीक से विभिन्न प्रकार के घर बनाए गए हैं।

महरोड़ा में बनाए गए इन भूकंपरोधी घरों को नेचुरल हाउस नाम दिया गया है। शगुन बताती हैं उन्होंने इसका नाम इसलिए नेचुरल हाउस रखा है, क्योंकि यह सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडे होते हैं। यही कारण है कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी ऐसे घर बनाने का क्रेज बढ़ रहा है।
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बिहार की शगुन ने नैनीताल में बनाए भूकंपरोधी घर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पहाड़ों पर होने वाली असमय आपदा से हजारों लोग मकानों में दबकर अपनी जान गंवा देते हैं। यदि लोग भूकंपरोधी घर का उपयोग करेंगे तो भूकंप के दौरान कई लोगों की जानें बच सकती हैं।
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बिहार की शगुन ने नैनीताल में बनाए भूकंपरोधी घर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा वर्ष 1991 में उत्तरकाशी जिले में आए भूकंप में भारी तबाही हुई थी। इस दौरान केवल मिट्टी और पत्थर के घर ही सुरक्षित बचे, जबकि सीमेंट, ईंट, रेत के मकान पूरी तरह से तबाह हो गए थे। 

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बिहार की शगुन ने नैनीताल में बनाए भूकंपरोधी घर - फोटो : अमर उजाला
कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रो. प्रकाश चम्याल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिले भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं, खासकर पर्वतीय जिले। मिट्टी, लकड़ी से बने घरों को सरकार को बढ़ावा देना चाहिए। क्योंकि मिट्टी और घास के बने घर बेहद हल्के और मजबूत होते हैं। 
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बिहार की शगुन ने नैनीताल में बनाए भूकंपरोधी घर - फोटो : अमर उजाला
महरोड़ा में बने भूकंपरोधी मकान दिखने में काफी आकर्षक हैं। ये घर हल्की तीव्रता वाले भूकंप सह सकते हैं। अगर भूकंप आता भी है तो लोगों को जान माल की हानि नहीं होगी। साथ ही छत का भार कम हो तो ये और भी अधिक कारगर साबित हो सकते हैं। 
- प्रो. सीसी पंत, भूगर्भ वैज्ञानिक
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