उत्तराखंड के चार धामों में शामिल प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट शनिवार को शुभ मुहूर्त में शाम 6 बजकर 45 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से दिन आज शनिवार को 4366 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दौरान तीर्थयात्रियों के जय बदरीनाथ... के जयकारों से बदरीशपुरी गुंजायमान हो उठी।
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इसके बाद अब रविवार को बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के नेतृत्व में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, कुबेरजी और उद्धवजी की उत्सव डोली योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना होगी। अब तीर्थयात्री शीतकाल में छह माह तक पांडुकेश्वर और जोशीमठ में भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर सकते हैं।
इस बार चारधाम यात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या पांच लाख के पार हो गई। चारधामों में 5,06240 तीर्थयात्री यात्रा पर पहुंचे। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूर्व में शीतकाल के लिए बंद हो गए थे, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को बंद हुए।