भारत-तिब्बत (चीन) सीमा से लगे सुमना-2 में बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के मजदूरों के कैंप (टिन शेड) के ऊपर हिमस्खलन होने से हुए सुमना हादसे में रविवार को बर्फ में दबे दो शव बरामद किए हैं, जबकि अभी भी छह मजदूर लापता चल रहे हैं। सुमना-2 इलाके में हुए हिमस्खलन में मरने वाले मजदूरों की संख्या अब 12 हो गई है। सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लापता मजदूरों की तलाश में जुटी हैं। रविवार को एक शव सुबह करीब 11 बजे बरामद किया गया, जबकि दूसरा शव शाम चार बजे बरामद हुआ। दोनों शवों को सेना के हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचाया गया है। वहीं दो घायलों को देहरादून रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि मौसम साफ होने के बाद तेज हवा चलने से सुमना इलाके में सेना के हेलीकॉप्टर को लेंडिंग में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, मलारी-सुमना मोटर मार्ग को खोलने का कार्य बीआरओ के द्वारा जारी है। अभी तक घटना स्थल तक सड़क मार्ग को खोला नहीं गया है। बता दें कि शुक्रवार को रिहाइशी टिन शेड के ऊपर दो बार हुए इस भारी हिमस्खलन में 7 मजदूर घायल हो गए, 384 मजदूर सुरक्षित बच गए। घायलों को जोशीमठ सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुमना में साल 1991 में भी ऐसे ही हिमस्खलन की चपेट में आकर 11 आईटीबीपी जवान शहीद हो गए थे।