उत्तराखंड में घटियाबगड़-लिपुलेख मार्ग पर पहाड़ी दरकने से सड़क निर्माण के लिए ले जाई जा रही ऑटोमेटिक ड्रिल मशीन मलबे में दब गई। दुर्घटना में मशीन लेकर जा रहे ऑपरेटर सहित तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है।
बीआरओ के घटियाबगड़-लिपुलेख सड़क पर गर्ग एंड गर्ग कंपनी पहाड़ कटिंग का कार्य कर रही है। रविवार को निर्माण कार्य के लिए तीन लोग गर्बाधार से लखनपुर के लिए ऑटोमेटिक ड्रिल मशीन ले जा रहे थे। सुबह करीब नौ बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा आने से तीनों लोग बोल्डर के साथ 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरे।
हादसे में देहरादून निवासी ऑपरेटर स्टेनजिंग मिंग (23), दार्चुला नेपाल निवासी हेल्पर तारा सिंह (21) और बुंगबुंग सिमखोला निवासी स्थानीय हेल्पर भवान सिंह भंडारी (28) की मौत हो गई, जबकि गर्ग कंपनी की ढाई करोड़ की मशीन भी क्षतिग्रस्त हो गई।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही बीआरओ के अधिकारी, पांगला पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
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लिपुलेख मार्ग पर तीन मजदूरों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष हरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस, एसडीआरएफ, स्थानीय नागरिक गुमान सिंह, गोविंद सिंह, विक्रम, वीरेंद्र आदि की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को गहरी खाई से निकाला गया।
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लिपुलेख मार्ग पर बोल्डर के नीचे दबी मशीन
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम के लिए शवों को धारचूला मोर्चरी ले जाया गया। वहां कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम टम्टा और इंजीनियर शिवराम तिवारी आदि भी मौजूद रहे। धारचूला के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि बीआरओ के कर्नल एनके शर्मा से उन्हें घटना की सूचना मिली।
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लिपुलेख मार्ग पर तीन मजदूरों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) रविवार को तीन दिन बाद आवाजाही के लिए खोला गया। बाराकोट के नजदीक मोकोट और लीसा डिपो क्षेत्र पर गिरे बोल्डर से बृहस्पतिवार रात से हाईवे बंद था।
लिपुलेख मार्ग पर तीन मजदूरों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
उधर, काम के दौरान रविवार सुबह एक पोकलैंड पहाड़ी से आए बोल्डर की चपेट में आ गई। अलबत्ता ऑपरेटर दिनेश लाल बाल-बाल बच गया। घंटों की मशक्कत के बाद पोकलैंड को यहां से हटाया गया।