स्वामी सुंदरानंद की पहचान सिर्फ एक साधु और योगी के रूप में नहीं, बल्कि फोटोग्राफर, घुमक्कड़, पर्वतारोही और सेना के गाइड के तौर पर भी रही। गंगा एवं हिमालय को समर्पित अपने जीवन में उन्होंने इन भूमिकाओं को बखूबी निभाया। यही कारण है कि सिर्फ आध्यात्मिक लोग ही नहीं, बल्कि इन विविध क्षेत्रों से जुड़े हजारों लोग भी उनके अनुयायी हैं।