ई-कचरे का निपटारा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या है, लेकिन देहरादून में इस ई-कचरे को लेकर एक ऐसा अनोखा प्रयोग किया गया कि सब देखते रह गए।
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ई कचरे से बनी कैंटीन
- फोटो : अमर उजाला
देहरादून आईटी पार्क स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में ई-कचरे से बनी हुई कैंटीन तैयार की गई है।
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ई कचरे से बनी कैंटीन
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कई महीने की मेहनत के बाद आईटीडीए के परिसर में यह कैंटीन तैयार की गई है। इसकी छत करीब एक लाख खराब डीवीडी और सीडी से तैयार की गई है।
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ई कचरे से बनी कैंटीन
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कंप्यूटर के मॉनिटर का उपयोग करके कैंटीन के भीतर स्टॉल बनाया गया है। कैंटीन की चारदीवारी भी खराब हुई बैटरियों से बनाई गई है।
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ई कचरे से बनी कैंटीन
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छत पर पंखों के बजाय सीपीयू में इस्तेमाल होने वाले कूलिंग फैन को जोड़कर बड़ा पंखा बनाया गया है। बैठने के लिए भी सीपीयू और दूसरे कंप्यूटर पार्ट्स की बॉडी का इस्तेमाल किया गया है।
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ई कचरे से बनी कैंटीन
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आईटीडीए ने फरवरी-मार्च में ई-कचरे के निस्तारण को लेकर प्रदेशभर से सुझाव भी मांगे थे। करीब 60 लोगों ने ई-कचरे के निस्तारण के सुझाव भेजे थे।
हमने प्रदेशभर से सुझाव लेने के बाद ई-कचरे से कैंटीन तैयार की है। इसे बनाने का मकसद यह है कि प्रदेशभर में लोगों को ई-कचरे के इस तरह से निस्तारण की सीख मिले। - अमित सिन्हा, निदेशक, आईटीडीए