वहीं, 88 प्रतिशत ई-कचरा नियम-2016 की जानकारी तक नहीं थी। इसी तरह 63 प्रतिशत डीलर ऐसे मिले, जिन्हें ई-वेस्ट शब्द तक की जानकारी नहीं थी। नौटियाल का कहना है कि ई-कचरे के निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कलेक्शन सेंटर बनाए हैं जो कि इस दिशा में बेहतर कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से कोविड-19 काल में मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ा है, वैसे ही ई-कचरे के बढ़ने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं।