gangotri
बता दें कि बीते साल गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में नीला ताल टूटने के कारण पानी के साथ आया भारी मलबा ग्लेशियर के मुहाने गंगा के उद्गम गोमुख में पसर गया था, जिससे यहां पानी ठहरने से झील का आकार बना था। हालांकि बाद में धीरे-धीरे मलबा कटने से गंगा का प्रवाह तो सामान्य हो गया, लेकिन अब भी वहां हजारों घनमीटर मलबा जमा होने से नदी का प्रवाह पथ बदल कर दाहिनी ओर हो गया है, जिससे गोमुख से आगे तपोवन क्षेत्र में जाने का रास्ता खत्म हो गया है। इस वजह से गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन को उच्च हिमालयी ट्रैकर्स एवं पर्वतारोहियों के लिए भोजवासा में गंगा भागीरथी को पार करने के लिए ट्राली लगानी पड़ी।