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ऊर्जा प्रदेश में बिजली के रेट बढ़ाने की तैयारी, जानिए अब क्या होंगी नई दरें

Wed, 31 May 2017 12:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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trivendra singh rawat
प्रदेश में बिजली की कीमतों में गुपचुप वृद्धि करने की तैयारी पूरी हो गई है। शासन ने जल विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली पर सेस और रॉयल्टी की दर को 80 पैसे से बढ़ाकर दो रुपये प्रति यूनिट करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
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इस संबंध में शासनादेश (जीओ) बुधवार को जारी होने की संभावना है। नोटिफाइड विद्युत दर की सीमा को बढ़ाने से यूपीसीएल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली कीमतों में 17 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
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बता दें कि नोटिफाइड विद्युत दर की सीमा में वृद्धि करने की तैयारी काफी समय से चल रही है। यूजेवीएनएल की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की स्थिति में बिजली महंगी हो सकती थी, लिहाजा इस प्रस्ताव को गोपनीय तरीके  से कैबिनेट की बैठक में लाया गया था।

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कैबिनेट ने इसके लिए सचिव समिति गठित करने का सुझाव दिया था। जानकारी के मुताबिक सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को सहमति दे दी, जिसके बाद वित्त और विधायी विभाग से भी इसकी मंजूरी ली गई। मंगलवार को शासन ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
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प्रभारी सचिव ऊर्जा राधिका झा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जीओ बुधवार को जारी हो सकता है। इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से यूजेवीएनएल द्वारा यूपीसीएल  को दी जाने वाली बिजली की औसत कीमत 1.72 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 2.01 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। उपभोक्ताओं पर इसका भार 17 पैसे प्रति यूनिट के रूप में पड़ेगा। 
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यूजेवीएनएल की व्यासी, लखवाड़ और किसाऊ जल विद्युत परियोजनाओं हेतु चालू वित्त वर्ष (2017-18) में 300 करोड़ रुपये के अंशपूंजी की आवश्यकता होगी। पावर डेवलपमेंट फंड एक्ट-2003 में यह व्यवस्था की गई है कि राज्य में निर्मित जल विद्युत परियोजनाएं जो पिछले दस सालों या उससे अधिक समय से उत्पादन कर रही हैं उन पर सेस लगाया जा सकता है।
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