चमोली आपदा
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आपदा के दौरान ऋषि गंगा के ऊपर चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटा, जिससे यहां लटका ग्लेशियर भी नीचे आ गया और एक झील बन गई। इस झील के टूटते ही पानी का सैलाब आ गया। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट से इसकी पूरी जानकारी मिल पाएगी, लेकिन प्रथम दृष्टया यही संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी के साथ आई मिट्टी, पत्थर, पेड़ों के सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। इनका लैब में परीक्षण भी किया जाएगा।