उत्तराखंड के वनों में आग लगने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। वन विभाग ने 12 घंटे में आग के 75 मामले पाए, जिनसे करीब 94 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। पर्वतीय जिलों में बुधवार को कई स्थानों पर बारिश हुई और इसका असर जंगल की आग पर भी दिखाई दिया।
पिछले दो दिन के मुकाबले वनाग्नि के कम मामले सामने आए। पिछले दो दिन से हर दिन सौ हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हो रहा था। वन विभाग को उम्मीद थी कि बुधवार को बारिश होगी। ऐसा हुआ भी और आग के मामलों में कमी भी आई। इसके बावजूद वन विभाग की चिंता कम नहीं हुई है। बुधवार को भी सक्रिय वनाग्नि के कई मामले सामने आए।
वहीं, कुमाऊं के जंगल लगातार धधक रहे हैं। वनाग्नि पर काबू पाने के लिए मिला वायुसेना का हेलीकॉप्टर आग बुझाने के लिए तीन दिन में एक बार भी उड़ान नहीं भर सका। बुधवार को हेलीकॉप्टर लौट गया। अब वन विभाग की टीम अपने संसाधनों से आग बुझाएगी।
वन विभाग के अनुसार बुधवार को मंडल में 10 जगह पर आग लगी। इनमें 8.47 हेक्टेयर जंगल जल गया। मंगलवार को कुमाऊं में 37 जगहों पर आग लगी थी।
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उत्तराखंड में जंगल की आग
- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग की ओर से जारी फायर बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को आरक्षित वन क्षेत्र में कुल 34 मामले सामने आए। इसमें से कुमाऊं के केवल सात ही मामले रहे। वन पंचायतों के क्षेत्र में दोनों मंडलों में 41 मामले सामने आए। कुल वनाग्नि की घटनाएं 75 रहीं। करीब 50 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र और 44 हेक्टेयर वन पंचायत क्षेत्र प्रभावित हुआ।
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उत्तराखंड में जंगल की आग
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल में प्रदेश में 814 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ है। वनाग्नि के 557 मामले सामने आए हैं। वनाग्नि से आरक्षित वन क्षेत्र अधिक प्रभावित हुआ। वन पंचायतों की तुलना में दोगुना आरक्षित वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ।
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उत्तराखंड के जंगलों में आग बुझाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, कुमाऊं के जंगलों में कई जगहों पर आग लगी हुई है। आग के चलते पूरे वातावरण में धुंध छा रही है और दृश्यता बहुत ही कम है। इसके चलते एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर के जाने से वन विभाग को मदद मिलने की उम्मीद को भी झटका लगा है।
दृश्यता नहीं होने से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। इस कारण हेलीकॉप्टर सुबह लौट गया। वन विभाग अपने संसाधनों से आग बुझाने में जुटा है। सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंच रही है। -संदीप कुमार, डीएफओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग