पंत ने हम लोगों से कहा-आप अन्यथा न लें, तो मेरे सरकारी आवास में एक कमरा है। वहां रहकर कवरेज करना आप लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक होगा। हमने उनका यह प्रस्ताव स्वीकार किया, तो पता चला कि प्रकाश पंत होना वास्तव में क्या है। पूरे सत्र में प्रकाश पंत सरकार के संकटमोचक रहे। उनके साथी मंत्री हों या फिर विपक्ष के धुरंधर, उनकी रणनीति रात में तैयार होती। देर रात तक गैरसैंण के ठंडे मौसम में राजनीति की गर्म बातें होती, मगर प्रकाश पंत की अपनी जो दिनचर्या थी, उसमें रत्ती भर इधर से उधर न होता।