केदारघाटी में हत्या
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उन्होंने अपने जीवन में सिर्फ लड़ाई-झगड़े ही किए, जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा। क्रूरता की हद पार होने पर वर्षों पहले मां और बहनें छोड़कर चली गईं। बहनों ने स्वयं ही अपना विवाह किया है। बुधवार रात को भी एक बात पर वह बहस करने लगे। मैंने समझाने का प्रयास किया तो वह गाली-गलौज करने लगे, जिससे मुझे भी गुस्सा आ गया था।