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Uttarakhand Glacier Burst: जून में दोबारा शुरू हुआ ऋषिगंगा हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह हुआ तबाह, इससे जुड़े 50 लोग लापता

Mon, 08 Feb 2021 02:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी में रविवार सुबह ग्लेशियर फटने से आई आपदा में ऋषि गंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। प्रोजेक्ट जून में ही शुरू हुआ था। परियोजना अधिकारियों की मानें तो प्रोजेक्ट पर काम करने वाले करीब 50 लोग लापता हैं। 
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, ऋषिगंगा हाईड्रो प्रोजेक्ट(13.2 मेगावाट) 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद साल 2016 में इसके क्षतिग्रस्त होने पर इसमें बिजली उत्पादन बंद हो गया था। इसके बाद एनसीएलटी के माध्यम से कुंदन ग्रुप ने इसके संचालन का जिम्मा लिया। इसके बाद जून 2020 में इसे दोबारा शुरू किया गया था। 
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चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद धौली नदी में मलबा - फोटो : अमर उजाला
नीती घाटी का रैणी गांव धोली गंगा और ऋषि गंगा का संगम स्थल है। ऋषि गंगा पर 13 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना है। ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ गया, जिससे ऋषि गंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह से तबाह हो गई। जबकि तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि इससे जितनी बिजली बनाए जाने का लक्ष्य है, जिससे उत्तराखंड समेत दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, समेत उत्तर भारत में बिजली देने की योजना थी। जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में लगातार पानी के प्रवाह में टरबाइन लगाकर बिजली बनाई जा रही थी। 

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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
वहीं, दूसरी तरफ तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना का इन दिनों टनल निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा था। रविवार को भी टनल निर्माण कार्य में सैकड़ों मजदूर जुटे हुए थे। इस टनल में भी नदी का पानी और मलबा घुस गया है, जिससे भारी मात्रा में मजदूरों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। 
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
वहीं मुख्य सचिव ने 100 से 150 लोगों के लापता होने की आशंका जताई है। श्रीनगर में प्रशासन ने नदी किनारे बस्तियों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग के साथ ही रुद्रप्रयाग क्षेत्र में पुलिस ने लाउडस्पीकर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चल जाने के लिए कहा। 
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चमोली में तपोवन डैम - फोटो : अमर उजाला
वहीं, नदी में काम कर रहे मजदूरों को भी हटाया जा रहा है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा, तपोवन बांध में फंसे 16 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। आईटीबीपी के प्रवक्ता के अनुसार, अब तक तीन शव मिले हैं।  
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