चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद धौली नदी में मलबा
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नीती घाटी का रैणी गांव धोली गंगा और ऋषि गंगा का संगम स्थल है। ऋषि गंगा पर 13 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना है। ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ गया, जिससे ऋषि गंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह से तबाह हो गई। जबकि तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि इससे जितनी बिजली बनाए जाने का लक्ष्य है, जिससे उत्तराखंड समेत दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, समेत उत्तर भारत में बिजली देने की योजना थी। जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में लगातार पानी के प्रवाह में टरबाइन लगाकर बिजली बनाई जा रही थी।