ऋषि गंगा में बनी झील
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झील 50 मीटर चौड़ी और करीब 750 मीटर लंबी बताई जा रही है, लेकिन गहराई अभी अबूझ पहेली है। जानकारों के अनुसार, झील की गहराई का पता लगने से उसमें पानी की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है। देहरादून से वैज्ञानिकों की एक टीम झील स्थल के लिए रवाना कर दी गई है। वैज्ञानिकों का दल रैणी से पैदल मुरंडा पहुंच गया है। यहां से पांच किमी का फासला तय करने के बाद टीम शनिवार दोपहर बाद तक झील स्थल पर पहुंचेगी।